पाकिस्तान: तेल के साथ बिजली संकट भी गहराया, कोयला कमी से 30% बिजली उत्पादन पर खतरा

पाकिस्तान सरकार लागू करेगी लोडशेडींग

पाकिस्तान: तेल के साथ बिजली संकट भी गहराया, कोयला कमी से 30% बिजली उत्पादन पर खतरा

Pakistan: Along with oil, the power crisis also deepens, 30% of power generation is at risk due to coal shortage

पाकिस्तान एक गंभीर ऊर्जा संकट की ओर बढ़ रहा है, जहां एलएनजी (LNG) आपूर्ति में तेज गिरावट और कोयले की कमी के कारण देश की करीब 30 प्रतिशत बिजली उत्पादन क्षमता प्रभावित होने का खतरा मंडरा रहा है। स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, स्थिति को संभालने के लिए पाकिस्तानी सरकार को लोडशेडिंग, टैरिफ बढ़ोतरी और ऊर्जा बचत जैसे कदम उठाने पड़ सकते हैं।

कराची स्थित बिजनेस रिकॉर्डर की रिपोर्ट के अनुसार, अगले महीने से पाकिस्तान की एलएनजी आपूर्ति लगभग शून्य के करीब पहुंच सकती है। वर्तमान में एलएनजी से देश के कुल बिजली उत्पादन का पांचवां हिस्सा आता है। वहीं, कोयले की आपूर्ति भी लॉजिस्टिक समस्याओं के कारण प्रभावित हो रही है, जिससे कुल ऊर्जा आपूर्ति पर गंभीर असर पड़ रहा है।

रिपोर्ट में कहा गया है कि इन दोनों स्रोतों में गिरावट से बिजली उत्पादन का करीब 30 प्रतिशत हिस्सा जोखिम में आ सकता है। ऐसे में फर्नेस ऑयल एक विकल्प के रूप में मौजूद है, लेकिन इसकी लागत गैस और कोयले की तुलना में काफी अधिक है, जिससे बिजली उत्पादन महंगा हो जाएगा।

स्थिति से निपटने के लिए पाकिस्तानी सरकार रोजाना 2 से 3 घंटे की लोडशेडिंग लागू करने, बिजली दरों में वृद्धि करने और ऊर्जा संरक्षण उपायों को लागू करने की योजना बना रही है। हालांकि, रिपोर्ट में इस बात पर जोर दिया गया है कि इन उपायों की सफलता उनकी प्रभावी क्रियान्वयन पर निर्भर करेगी।

विशेषज्ञों का मानना है कि बाजारों को जल्दी बंद करना या ज्यादा बिजली खपत वाले वाणिज्यिक लाइटिंग पर प्रतिबंध लगाना जैसे सरल कदम पहले भी प्रभावी साबित हुए हैं, लेकिन इन्हें मौजूदा रणनीति में प्रमुखता नहीं दी गई है। इससे आशंका जताई जा रही है कि संकट का बोझ आम उपभोक्ताओं और उद्योगों पर ज्यादा पड़ सकता है।

रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि पाकिस्तान में घरेलू कुप्रबंधन ने स्थिति को और बिगाड़ दिया है। पाकिस्तान रेलवे और कोयला आधारित बिजली संयंत्रों के बीच विवाद के चलते 1500 से 1800 मेगावाट बिजली उत्पादन पर खतरा पैदा हो गया है। कोयले की ढुलाई में बाधाएं, वैगनों की कमी और समन्वय की कमी जैसी समस्याएं संकट को और गहरा कर रही हैं।

इसका असर केवल बिजली आपूर्ति तक सीमित नहीं है, बल्कि पाकिस्तान रेलवे की माल ढुलाई आय पर भी पड़ सकता है, जिससे आर्थिक दबाव और बढ़ेगा।

विशेषज्ञों का कहना है कि मौजूदा संकट भले ही बाहरी कारणों से शुरू हुआ हो, लेकिन इसकी गंभीरता काफी हद तक घरेलू नीतियों और प्रबंधन पर निर्भर करेगी। यदि समय रहते मांग प्रबंधन और आपूर्ति सुधार के संतुलित कदम नहीं उठाए गए, तो आने वाले समय में यह संकट और गहरा सकता है।

यह भी पढ़ें:

युद्ध में अमेरिका को बड़ा झटका; 24 घंटे में 2 अमेरिकी जेट गिराए गए, पायलट लापता

अमेरिका-ईरान युद्धविराम वार्ता ठप: पाकिस्तान में बैठक से ईरान का इनकार

TMC का प्रचार करने वाली ARO ज्योत्सना खातून निलंबित

केरल में शशि थरूर के काफिले पर हमला, सुरक्षाकर्मी से मारपीट

Exit mobile version