TMC विधायक मदन मित्रा पर बरसा जनाक्रोश, काफिले पर फेंके गए अंडे

'कट मनी' लौटाने की मांग को लेकर प्रदर्शन, विधानसभा चुनाव में हार के बाद टीएमसी नेताओं के खिलाफ विरोध तेज

TMC विधायक मदन मित्रा पर बरसा जनाक्रोश, काफिले पर फेंके गए अंडे

Public ire directed at TMC MLA Madan Mitra; eggs hurled at his convoy.

पश्चिम बंगाल में 2026 विधानसभा चुनाव में तृणमूल कांग्रेस (TMC) की हार के बाद पार्टी नेताओं के खिलाफ सार्वजनिक विरोध प्रदर्शन का सिलसिला लगातार जारी है। शनिवार रात उत्तर 24 परगना जिले के कमरहाटी विधानसभा क्षेत्र के अरियादह इलाके में वरिष्ठ टीएमसी विधायक मदन मित्रा के काफिले पर कथित तौर पर अंडे फेंके गए। इस घटना ने राज्य में सत्तारूढ़ दल के नेताओं के प्रति बढ़ते जनाक्रोश को एक बार फिर सामने ला दिया है।

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, इलाके में तनाव की खबर मिलने के बाद मदन मित्रा वहां पहुंचे थे। इसी दौरान स्थानीय लोगों के एक समूह ने विरोध प्रदर्शन किया और कथित रूप से उनके वाहन को निशाना बनाते हुए अंडे फेंके। स्थिति बिगड़ने के बाद काफिले को वहां से लौटना पड़ा।

हालांकि, मदन मित्रा ने बाद में दावा किया कि घटना के समय वह वाहन के अंदर मौजूद नहीं थे। वहीं, कुछ रिपोर्टों में यह आरोप भी सामने आया कि हंगामे के दौरान उनके चालक के साथ मारपीट की गई।

घटना के बाद मदन मित्रा ने आरोप लगाया कि यह हमला भाजपा समर्थित असामाजिक तत्वों द्वारा सुनियोजित तरीके से कराया गया। दूसरी ओर, स्थानीय निवासियों का कहना है कि क्षेत्र में लंबे समय से लोगों के बीच असंतोष बढ़ रहा था।

बताया जा रहा है कि विरोध प्रदर्शन की शुरुआत कमरहाटी के वार्ड नंबर 14 के एक पार्षद के आवास के बाहर हुई थी। यहां बड़ी संख्या में ऑटो और ई-रिक्शा चालक एकत्र हुए और वर्षों से कथित तौर पर वसूले गए “कट मनी” को वापस करने की मांग उठाई। प्रदर्शनकारियों ने स्थानीय नेताओं पर अवैध वसूली के आरोप लगाए और राज्य में सत्ता परिवर्तन के बाद जवाबदेही तय करने की मांग की।

हाल के सप्ताहों में टीएमसी नेताओं के खिलाफ अंडे फेंककर विरोध जताने की कई घटनाएं सामने आई हैं। पिछले सप्ताह पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी को भी सोनारपुर दौरे के दौरान विरोध का सामना करना पड़ा था। उस दौरान प्रदर्शनकारियों ने कथित रूप से नारेबाजी की और अंडे तथा पत्थर फेंके, जिसके बाद सुरक्षा कर्मियों को उन्हें वहां से सुरक्षित निकालना पड़ा था।

इसके अलावा, रंगदारी, भ्रष्टाचार और अन्य मामलों में गिरफ्तार किए गए टीएमसी नेताओं और पार्षदों की अदालत में पेशी के दौरान भी विरोध प्रदर्शन देखने को मिले हैं। गिरफ्तार टीएमसी नेता जय प्रकाश मजूमदार और पूर्व मंत्री स्वरूप विश्वास की पेशी के दौरान भी प्रदर्शनकारी अंडे लेकर पहुंचे थे और जवाबदेही की मांग करते हुए नारे लगाए थे।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि चुनावी पराजय के बाद तृणमूल कांग्रेस के कई नेताओं को जनता के बढ़ते असंतोष का सामना करना पड़ रहा है। अरियादह में मदन मित्रा के काफिले पर हुआ ताजा हमला इसी बदलते राजनीतिक माहौल का एक और संकेत माना जा रहा है।

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