लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने एक सनसनीखेज बयान देकर राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी है। शनिवार (2 अगस्त) को अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) के वार्षिक विधि सम्मेलन को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि कृषि कानूनों के खिलाफ उनके विरोध के दौरान केंद्र सरकार की ओर से उन्हें धमकाने के लिए दिवंगत भाजपा नेता और पूर्व वित्त मंत्री अरुण जेटली को भेजा गया था।
राहुल गांधी ने कहा, “मुझे याद है जब मैं कृषि कानूनों के खिलाफ लड़ रहा था… और वे (अरुण जेटली) अब इस दुनिया में नहीं हैं, इसलिए शायद मुझे यह नहीं कहना चाहिए, लेकिन मैं कहूंगा। अरुण जेटली को मुझे धमकाने के लिए भेजा गया था। उन्होंने कहा कि अगर आप इसी रास्ते पर सरकार का विरोध करते हुए चलते रहे, तो हमें आपके खिलाफ कार्रवाई करनी होगी। मैंने उनकी ओर देखा और जवाब दिया—मुझे नहीं लगता कि आपको पता है कि आप किससे बात कर रहे हैं, क्योंकि हम कांग्रेस के लोग हैं, हम कायर नहीं हैं।”
दरम्यान लोगों ने राहुल गांधी की इस बात को पकड़कर उनकी आलोचना की है। दरअसल संसद में कृषि कानून सितंबर 2020 को लाए गए थे, जबकि अरुण जेटली का निधन 24 अगस्त 2019 को हुआ था। इसीलिए राहुल गांधी का उन्हें धमकाने का दावा अरुण जेटली की आत्मा ने धमकाने के अलावा सत्य नहीं हो सकता।
श्री अरुण जेटली जी की मृत्यु 2019 में हो गई थी
कृषि क़ानून 2020 में आए और राहुल गांधी कह रहे हैं के जेटली जी उनको धमकाने आए के आप कृषि क़ानून के ख़िलाफ़ मत बोलो वरना हम एक्शन लेंगे
ये आदमी झूठा फ़रेबी है और अपनी दो कौड़ी की नफ़रत की राजनीति के लिए कुछ भी झूठ बोल सकता है pic.twitter.com/QF94ezwGRg
— Shivam Tyagi (Modi Ka Parivar) (@ShivamSanghi12) August 2, 2025
भाजपा के समर्थकों ने राहुल गांधी की बड़ी आलोचना शुरू की है, लोगों ने उन्हें झूठा और फरेबी तक कहा है। वहीं पूर्व कैबिनेट मंत्री अनुराग ठाकुर ने राहुल गांधी पर तंज कसते हुए कहा है की दिन महीनें सप्ताह गुजर गए लेकीन राहुल गांधी की एक चीज़ नहीं बदली और वो यही झूठ, झूठ, झूठ।
दौरान राहुल गांधी ने लीगल कॉन्फेरस में भाषण में भाजपा सरकार पर लोकतांत्रिक संस्थानों को कमजोर करने और देश की चुनावी प्रक्रिया की अखंडता को नुकसान पहुंचाने का भी आरोप लगाया। उन्होंने 2014 के लोकसभा चुनावों के बाद मतदाता सूचियों में कथित गड़बड़ियों की ओर इशारा करते हुए कहा कि कई राज्यों में कांग्रेस को एक भी सीट न मिलना असामान्य था।
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