उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग में बादल फटा, कई लोगों के दबे होने की आशंका

राहत-बचाव टीमें मौके पर जुटी हुई हैं और प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने तथा सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील

उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग में बादल फटा, कई लोगों के दबे होने की आशंका

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उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले में शुक्रवार को बादल फटने की भीषण घटना सामने आई है। यह हादसा बसुकेदार तहसील के बरेठ तालजमण और बरेठ डुंगर टोक इलाके में हुआ, जहां अचानक भारी मलबा और पानी आने से कई परिवारों के फंसे होने की आशंका जताई जा रही है। प्रशासन ने राहत और बचाव कार्य युद्धस्तर पर शुरू कर दिया है।

जानकारी के मुताबिक, बादल फटने के बाद अलकनंदा नदी उफान पर आ गई और श्रीनगर से रुद्रप्रयाग तक का बदरीनाथ हाईवे पूरी तरह जलमग्न हो गया। इससे यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा और लंबा जाम लग गया। पुलिस प्रशासन ने यात्रियों को सुरक्षित स्थानों पर रोक दिया है और उन्हें वैकल्पिक मार्ग से भेजने की व्यवस्था की जा रही है। पुलिस अधीक्षक पौड़ी, लोकेश्वर सिंह ने बताया कि “यात्रियों की सुरक्षा के लिए पुलिस बल तैनात किया गया है और वैकल्पिक रास्तों से श्रद्धालुओं को आगे भेजा जा रहा है।”

रुद्रप्रयाग जिला प्रशासन ने पुष्टि की है कि बरेठ डुंगर टोक क्षेत्र में बादल फटने से व्यापक नुकसान हुआ है। कई घरों और संपत्तियों को नुकसान पहुंचा है और ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। मलबे में कई लोगों के दबे होने की आशंका है, जिन्हें निकालने के लिए SDRF, पुलिस और स्थानीय टीमें लगातार प्रयासरत हैं।.

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी हालात पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा, “रुद्रप्रयाग जिले की बसुकेदार तहसील के बरेठ डुंगर टोक क्षेत्र और चमोली जिले के देवल क्षेत्र में बादल फटने की खबर मिली है। मलबे की चपेट में कुछ परिवार फंस गए हैं। राहत एवं बचाव कार्य प्रशासन द्वारा युद्ध स्तर पर किए जा रहे हैं। मैंने आपदा सचिव और जिलाधिकारियों को प्रभावी बचाव कार्य सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। मैं बाबा केदार से सभी की कुशलता की प्रार्थना करता हूं।”

गौरतलब है कि पिछले हफ्ते भी उत्तराखंड के चमोली जिले में बादल फटने की घटना हुई थी, जिसमें भारी तबाही मची थी। लगातार हो रही इन घटनाओं ने पहाड़ी इलाकों में रहने वाले लोगों की दिक्कतें बढ़ा दी हैं और आपदा प्रबंधन एजेंसियों की परीक्षा भी ले रही हैं।

फिलहाल राहत-बचाव टीमें मौके पर जुटी हुई हैं और प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने तथा सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए आगे और जानकारी का इंतजार है।

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