भारत ने समुद्री पर्यावरण संरक्षण और तटीय सुरक्षा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए अपना पहला स्वदेशी प्रदूषण नियंत्रण पोत ‘समुद्र प्रताप’ गोवा में कमीशन कर दिया है। इस पोत को भारतीय तटरक्षक बल (Indian Coast Guard) के लिए डिजाइन किया गया है और इसे सोमवार (5 जनवरी) को केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने गोवा में अपने दो दिवसीय दौरे के दौरान औपचारिक रूप से राष्ट्र को समर्पित किया। इस अवसर पर गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत भी उपस्थित रहे।
114.5 मीटर लंबे इस अत्याधुनिक पोत में 60 प्रतिशत से अधिक स्वदेशी सामग्री का उपयोग किया गया है। लगभग 4,200 टन वजनी ‘समुद्र प्रताप’ की अधिकतम गति 22 नॉट्स से अधिक है और इसकी परिचालन क्षमता 6,000 नॉटिकल मील तक की है। यह पोत भारत का पहला समर्पित प्रदूषण नियंत्रण पोत है, जिसे समुद्री पर्यावरण की रक्षा के लिए विशेष रूप से विकसित किया गया है।
VIDEO | Defence Minister Rajnath Singh (@rajnathsingh) commissions ICG's 'Samudra Pratap' in Goa.
(Full VIDEO available on https://t.co/n147TvrpG7) pic.twitter.com/2mJZPFKDfz
— Press Trust of India (@PTI_News) January 5, 2026
‘समुद्र प्रताप’ को समुद्री प्रदूषण नियंत्रण कानूनों के प्रभावी प्रवर्तन, समुद्री कानून व्यवस्था बनाए रखने, खोज एवं बचाव अभियानों (Search and Rescue Operations) तथा भारत के विशेष आर्थिक क्षेत्र (Exclusive Economic Zone – EEZ) की सुरक्षा के लिए एक अहम प्लेटफॉर्म के रूप में तैनात किया जाएगा। यह पोत तेल रिसाव जैसी समुद्री आपदाओं से निपटने में भी भारतीय तटरक्षक बल की क्षमता को उल्लेखनीय रूप से बढ़ाएगा।
इस पोत को औपचारिक रूप से दिसंबर माह में गोवा शिपयार्ड लिमिटेड (GSL) द्वारा भारतीय तटरक्षक बल को सौंपा गया था। कमीशनिंग समारोह के दौरान समुद्री क्षेत्र में उच्च स्तर की निगरानी और सतर्कता बरती गई।
समारोह को संबोधित करते हुए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भारतीय तटरक्षक बल की भूमिका की सराहना करते हुए कहा, “तटरक्षक बल ने हमारे दुश्मनों के मन में यह डर पैदा कर दिया है कि अगर उन्होंने भारत की समुद्री सीमाओं की ओर देखने की भी हिम्मत की, तो भारतीय तटरक्षक बल उन्हें आंखों से देखने लायक हालत में नहीं छोड़ेगा।” उन्होंने आगे कहा, “इसी कारण दुश्मन कोई भी दुस्साहस करने की कोशिश नहीं करता।”
रक्षा मंत्री के गोवा आगमन पर उनका स्वागत किया गया और प्रोटोकॉल मंत्री मौविन गोडिन्हो ने डाबोलिम स्थित आईएनएस हंसा में उनका अभिनंदन किया।
‘समुद्र प्रताप’ के कमीशन होने से न केवल भारतीय तटरक्षक बल की परिचालन क्षमता में वृद्धि हुई है, बल्कि यह भारत की समुद्री सुरक्षा, पर्यावरण संरक्षण और स्वदेशी रक्षा निर्माण के प्रति प्रतिबद्धता को भी मजबूती से दर्शाता है। यह पोत आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जो भविष्य में भारत की समुद्री हितों की रक्षा में निर्णायक भूमिका निभाएगा।
यह भी पढ़ें:
सुप्रीम कोर्ट : दिल्ली दंगों के मामले में उमर खालिद और शरजील इमाम की ज़मानत नामंजूर



