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₹60 करोड़ चीटिंग केस में शिल्पा शेट्टी और राज कुंद्रा ने खटखटाया बॉम्बे हाई कोर्ट का दरवाज़ा

FIR रद्द करने की मांग

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अभिनेत्री शिल्पा शेट्टी कुंद्रा और उनके पति, व्यवसायी राज कुंद्रा, ने सोमवार (10 नवंबर, 2025) को बॉम्बे हाई कोर्ट में याचिका दायर कर उनके खिलाफ दर्ज ₹60 करोड़ की कथित धोखाधड़ी के मामले में दर्ज FIR को रद्द करने की मांग की। दंपति ने इसे एक व्यावसायिक विवाद को आपराधिक रंग देने का प्रयास बताते हुए पुलिस को चार्जशीट दाखिल न करने और तब तक कोई बलपूर्वक कार्रवाई न करने का निर्देश देने की भी गुहार लगाई है।

यह FIR जुहू पुलिस स्टेशन में व्यवसायी दीपक आर. कोठारी द्वारा दर्ज कराई गई थी। कोठारी का आरोप है कि 2015 से 2023 के बीच शिल्पा और राज ने उन्हें Best Deal TV Pvt Ltd और Gold Gate Trading Pvt Ltd में निवेश करने के लिए राजी किया, लेकिन निवेश की गई ₹60 करोड़ की राशि को व्यक्तिगत लाभ के लिए मोड़ दिया गया।

मामले में भारतीय दंड संहिता की धारा, 403 (संपत्ति का बेईमानी से दुरुपयोग), 506 (आपराधिक धमकी), 34 (साझा इरादा) लगाई गई हैं।

दंपति ने अपनी याचिका संविधान के अनुच्छेद 226 और 227, तथा Bharatiya Nagarik Suraksha Sanhita, 2023 की धारा 528 के तहत दायर की है। उनका कहना है कि यह एक नागरिक-व्यावसायिक विवाद है, लेकिन इसे गलत तरीके से आपराधिक मुकदमे के रूप में पेश किया जा रहा है। राज कुंद्रा ने अपनी याचिका में कहा कि FIR दबाव बनाकर ‘ग़ैर-कानूनी मांगें’ मनवाने के लिए दर्ज की गई है और पिछले कुछ वर्षों से उनके खिलाफ लगातार टार्गेटेड कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

शिल्पा शेट्टी ने कहा कि उनका कंपनी के दैनिक संचालन से कोई संबंध नहीं था और उन्हें केवल उनकी लोकप्रियता और छवि को नुकसान पहुँचाने के उद्देश्य से मामले में खींचा गया है।

दंपति ने शेयर सब्सक्रिप्शन एग्रीमेंट, 14 सितंबर 2025 का सप्लीमेंटरी एग्रीमेंट, और यह तथ्य प्रस्तुत किया कि मामला पहले से ही NCLT, मुंबई में विचाराधीन है। उनका कहना है कि शिकायतकर्ता नागरिक विवाद को आपराधिक रूप देने की कोशिश कर रहा है।

उन्होंने यह भी तर्क दिया कि कंपनी का व्यापार (2016) के बाद बुरी तरह प्रभावित हुआ था, जिसके कारण नुकसान हुआ, न कि किसी धोखाधड़ी के चलते। मुख्य न्यायाधीश श्री चंद्रशेखर और न्यायमूर्ति गौरव अंकहड़ की पीठ ने याचिकाकर्ताओं को FIR दर्ज कराने वाले पक्ष को नोटिस भेजने का निर्देश दिया है और अगली सुनवाई 20 नवंबर को निर्धारित की है।

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