भारतीय वायुसेना (IAF) का एक और तेजस लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (LCA) दुर्घटना का शिकार हो गया है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार यह हादसा विमान नियमित प्रशिक्षण उड़ान (रूटीन सॉर्टी) पूरी कर लैंडिंग कर रहा था तब एक प्रमुख एयरबेस के ऑपरेशनल क्षेत्र में हुआ। शुरुआती आकलन में ऑनबोर्ड सिस्टम में संभावित तकनीकी खामी की आशंका जताई गई है। हालांकि वायुसेना ने अब तक इस घटना पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है।
सूत्रों के मुताबिक, लैंडिंग के दौरान विमान को गंभीर संरचनात्मक (एयरफ्रेम) क्षति पहुंची है और आशंका है कि इसे सेवा से बाहर करना पड़ सकता है। राहत की बात यह रही कि पायलट ने समय रहते इजेक्शन कर लिया। पायलट को कोई गंभीर चोट नहीं आई है।
दौरान तेजस एमके1ए कार्यक्रम पहले से ही देरी का सामना कर रहा है। भारतीय वायुसेना ने 180 एमके1ए लड़ाकू विमानों का ऑर्डर दिया है, लेकिन डिलीवरी लगभग दो वर्ष पीछे चल रही है। ताजा हादसे के बाद पूरे बेड़े की व्यापक तकनीकी जांच और सुरक्षा समीक्षा शुरू किए जाने की संभावना है।
इससे पहले मार्च 2024 में जैसलमेर के पास एक तेजस विमान फायरपावर प्रदर्शन से लौटते समय दुर्घटनाग्रस्त हुआ था, जिसमें पायलट ने सुरक्षित इजेक्शन किया था। वहीं नवंबर 2025 में दुबई एयरशो के दौरान संयुक्त अरब अमीरात में एक अन्य तेजस विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। उस हादसे में विमान उड़ा रहे विंग कमांडर नमांश स्याल की मौत हो गई थी, क्योंकि वे सुरक्षित इजेक्शन नहीं कर पाए थे। दुर्घटना के भयावह दृश्य सामने आए थे, जिनमें विमान जमीन पर गिरते ही आग की लपटों में घिरता दिखा था।
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