अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (AMU ) के एक हॉस्टल कमरे में संयुक्त छापेमारी के दौरान पुलिस और विश्वविद्यालय सुरक्षा टीम ने जिंदा कारतूस, नकली नोट और कई संदिग्ध सामान बरामद किए हैं। यह कार्रवाई सिविल लाइंस क्षेत्र में हाल ही में हुई फायरिंग की घटना के बाद मिली खुफिया जानकारी के आधार पर की गई।
जानकारी के अनुसार, बुधवार (8 अप्रैल)शाम एएमयू सुरक्षा विभाग और स्थानीय पुलिस ने सर जियाउद्दीन हॉल के z-34/37 कमरे में संयुक्त रूप से तलाशी अभियान चलाया। इस दौरान कमरे से कथित तौर पर 32 बोर पिस्टल की गोलियां, 12 बोर हथियार के चार कारतूस, नकली नोट, आठ मोबाइल फोन और एक खाली मैगजीन कवर और नकली आईडी कार्ड्स बरामद किए गए।
एएमयू के प्रॉक्टर नवेद खान ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि यह कमरा ‘शाहबाज’ उर्फ़ छोटू नामक छात्र के अवैध कब्जे में था जो MCA का द्वितीय वर्षीय छात्र है। उन्होंने कहा कि आरोप है कि शाहबाज ने कमरे के वैध आवंटित छात्रों को बाहर कर खुद वहां कई महीनों से रह रहा था।
प्रॉक्टर के अनुसार, कमरे से मिले दस्तावेजों से संकेत मिलता है कि शाहबाज पहले AMU में एक कोर्स में नामांकित था, लेकिन वह गैर-आवासीय छात्र था और उसे हॉस्टल में रहने की अनुमति नहीं थी। इस मामले में एक वैध छात्र को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि शाहबाज ने कमरे पर कब्जा कैसे किया।
पुलिस सूत्रों ने बताया कि इस छापेमारी का संबंध सोमवार (6 अप्रैल) को सिविल लाइंस क्षेत्र में हुई फायरिंग की घटना से जुड़ा है। इस मामले में मंगलवार को तीन लोगों को हिरासत में लिया गया था, जिनसे पूछताछ के दौरान शाहबाज का नाम सामने आया। इसके बाद जांच टीम ने हॉस्टल में छापा मारा। शाहबाज फ़िलहाल फरार बताया जा रहा है।
फिलहाल पुलिस और AMU प्रशासन पूरे मामले की विस्तृत जांच में जुटे हैं। बरामद सामान की फॉरेंसिक जांच कराई जाएगी और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि नकली मुद्रा और हथियारों का इस्तेमाल किस उद्देश्य से किया जा रहा था।
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