पिछले वर्ष अल-नीनो के प्रभाव के कारण राज्य में सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई थी। अपर्याप्त वर्षा के चलते मानसून के दौरान भी कई क्षेत्रों में पानी की किल्लत की स्थिति पैदा हो गई थी। इस पृष्ठभूमि में महाराष्ट्र सरकार ने 5 अक्टूबर 2026 को शासनादेश जारी किया है।
इसके तहत अल-नीनो के संभावित प्रभाव को ध्यान में रखते हुए राज्य में उपलब्ध जल भंडार का 31 अगस्त 2027 तक सावधानीपूर्वक, प्राथमिकता के आधार पर और योजनाबद्ध तरीके से प्रबंधन करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही उपलब्ध पानी का किफायत से इस्तेमाल करने और पानी की बर्बादी एवं रिसाव रोकने के लिए विशेष अभियान चलाने के निर्देश भी दिए गए हैं।
महाराष्ट्र सरकार के इस शासनादेश के अनुरूप सिडको प्रशासन ने भी भविष्य में संभावित जल संकट से निपटने के लिए उपलब्ध जल भंडार का उचित नियोजन किया है। इसके तहत सिडको के कार्यक्षेत्र के विभिन्न नोड में 15 प्रतिशत पानी की कटौती लागू की जा रही है।
प्रत्येक नोड में सप्ताह में एक दिन 24 घंटे जलापूर्ति बंद रखी जाएगी। राज्य सरकार के निर्देशों के अनुसार, यह कटौती 2 नवंबर 2026 से लागू कर दी गई है और अगले आदेश तक जारी रहेगी।
नोडवार जलापूर्ति बंद रहने का कार्यक्रम-
खारघर: सोमवार को 24 घंटे पानी की आपूर्ति बंद रहेगी।
उलवे: मंगलवार को सेक्टर 2, 3, 5, 6, 19, 20, 22, 23, 24, 25 और 25-अ के साथ गव्हाण, कोपर तथा मोरावे में जलापूर्ति बंद रहेगी।
उलवे के अन्य क्षेत्र: सेक्टर 8, 9, 10-ब, 15-क, 16, 17 और 18 के साथ शेलघर, बामणडोंगरी, न्हावा, शिवाजीनगर तथा न्हावा खाड़ी क्षेत्र में एक दिन छोड़कर पानी की आपूर्ति की जाएगी।
तलोजा: शुक्रवार को 24 घंटे जलापूर्ति बंद रहेगी।
द्रोणागिरी: सेक्टर 1, 2, 11, 12, 15, 30, 47, 48, 50, 51, 52, 53, 54 और 55 के साथ धुतुम, भेंडखल, पागोटे, फुंडे, नवघर, नवघर पाडा, बोकरडवीरा तथा कुंडे क्षेत्र में एक दिन छोड़कर पानी की आपूर्ति की जाएगी।
नया पनवेल (पूर्व): सोमवार को 24 घंटे जलापूर्ति बंद रहेगी।
नया पनवेल (पश्चिम): मंगलवार को 24 घंटे जलापूर्ति बंद रहेगी।
कलंबोली: बुधवार को 24 घंटे जलापूर्ति बंद रहेगी।
करंजाडे: गुरुवार को 24 घंटे जलापूर्ति बंद रहेगी।
कलुंद्रे और कामोठे: शुक्रवार को 24 घंटे जलापूर्ति बंद रहेगी।
इस प्रकार सिडको प्रशासन ने विभिन्न नोड के लिए पानी कटौती का अलग-अलग कार्यक्रम निर्धारित किया है।सिडको प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि इस अवधि में पीने के पानी का अत्यंत सावधानी और किफायत से इस्तेमाल करें तथा पानी की बर्बादी रोकने में सहयोग करें।
पानी की बर्बादी पर होगी दंडात्मक कार्रवाई
नागरिक पीने के पानी का इस्तेमाल केवल आवश्यकतानुसार करें। वाहनों को धोने के लिए पीने के पानी का उपयोग न करें। ऐसा करते पाए जाने पर संबंधित व्यक्ति के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
घरों और आवासीय परिसरों में पानी की टंकियों को भरते समय ध्यान रखें कि पानी बाहर न बहे। घर के नलों या जलापूर्ति पाइपलाइनों में रिसाव होने पर तत्काल मरम्मत कराएं। आवश्यकता न होने पर नल खुले न छोड़ें। घर में संग्रहित पानी को केवल बासी समझकर फेंकने से बचें।
इसके अलावा शहर के स्विमिंग पूल में भी पीने के पानी का इस्तेमाल न करें। ऐसा करते पाए जाने पर संबंधित लोगों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
संभावित जल संकट से निपटने के लिए उपलब्ध जल भंडार का उचित प्रबंधन और पानी का किफायत से उपयोग करना बेहद जरूरी है। इसलिए सिडको प्रशासन ने क्षेत्र के सभी नागरिकों से पानी का महत्व समझते हुए उसका जिम्मेदारी से इस्तेमाल करने और इन नियोजित उपायों को सफल बनाने में प्रशासन का सहयोग करने की अपील की है।
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