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Saturday, October 17, 2026
होमन्यूज़ अपडेटनासिक: कावनई किले का हिस्सा ढहा ; कोई हताहत नहीं!

नासिक: कावनई किले का हिस्सा ढहा ; कोई हताहत नहीं!

जिले के 46 गांव व पाड़ा भूस्खलन संभावित क्षेत्र में आते हैं। पहाड़ी घाटी की प्राकृतिक सुंदरता का आनंद लेने के लिए पर्यटक बारिश के मौसम में घूमते रहते हैं। इगतपुरी तालुका में कावनई किला उनमें से एक है।

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इगतपुरी तालुक में कावनई किले का एक हिस्सा शुक्रवार को ढह गया, जबकि इरशालवाड़ी घटना के बाद हर कोई दहशत में था। फ़िलहाल इस घटना में कोई जनहानि नहीं हुई है और जिला प्रशासन ने अपील की है कि लोग अफवाहों पर यकीन न करें| जिले का एक हिस्सा सह्याद्रि पर्वत श्रृंखला में स्थित है। जिले के 46 गांव व पाड़ा भूस्खलन संभावित क्षेत्र में आते हैं। पहाड़ी घाटी की प्राकृतिक सुंदरता का आनंद लेने के लिए पर्यटक बारिश के मौसम में घूमते रहते हैं। इगतपुरी तालुका में कावनई किला उनमें से एक है।
शुक्रवार को किले का एक हिस्सा ढह गया| सौभाग्य से कोई जनहानि नहीं हुई। लेकिन प्रशासन ने जरूरी एहतियात बरतना शुरू कर दिया है| जिला प्रशासन की ओर से जानकारी दी गई कि किले की तलहटी में खेतों में रहने वाले नागरिकों को गांव में सुरक्षित स्थान पर जाने की सलाह दी गई है| जिले के सभी जिला अधिकारियों और तहसीलदारों को अपने-अपने तालुकों में सतर्क रहने का निर्देश दिया गया है। कलेक्टर गंगाधरन डी ने नागरिकों से अपील की है कि वे घबराएं नहीं| कर लिया है|
दूसरी ओर, ग्राम पंचायत ने मुख्यमंत्री को भेजे एक बयान के माध्यम से मांग की है कि सप्तश्रृंगी किले के पहले अग्निकुंड के खतरनाक हिस्से की तुरंत मरम्मत की जाए| समुद्र तल से 1480 मीटर की ऊंचाई पर स्थित सप्तश्रृंगी गढ़ देवस्थानम साढ़े तीन पीठों में से एक है और यहां नियमित रूप से 15 से 20 हजार भक्त और साल में 50 से 60 लाख भक्त आते हैं। किले की स्थानीय आबादी चार से पांच हजार है। सप्तश्रृंगी माता का मंदिर एक पहाड़ी पर स्थित है और मंदिर क्षेत्र की सीढ़ियों पर रामतप्पा, कास्वतप्पा और फनिक्युलर ट्रॉली मार्ग का हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया है। इस क्षेत्र के नीचे दुकानें और शहरी क्षेत्र हैं। यदि यह भंगुर क्षेत्र ढह जाता है, तो इससे नागरिक आबादी के लिए खतरा पैदा हो सकता है।
अतः संभावित दुर्घटनाओं को रोकने के लिए वन विभाग एवं लोक निर्माण विभाग को तत्काल कदम उठाने की आवश्यकता है। स्थानीय ग्राम पंचायत ने सप्तश्रृंग किले पर मालिन, इरशालवाड़ी जैसे हादसे की आशंका जताई है| इसी पृष्ठभूमि में सप्तश्रृंग गाड़ ग्राम पंचायत ने मुख्यमंत्री को पत्र दिया है. कुछ साल पहले हुई मालिन त्रासदी के बाद सप्तश्रृंग किले का मुद्दा उठा था, उस वक्त भी ग्राम पंचायत ने पत्र दिया था|
कुछ माह पहले ही सरकार ने किले पर आधुनिक संरक्षित जाली (गर्डर) लगाई है। लेकिन यह अप्रभावी है| ऐसे में इरशालवाड़ी घटना के बाद सप्तश्रृंग किला एक बार फिर चर्चा में आ गया है|पत्र के माध्यम से किले की सीढ़ियों के दोनों ओर सुरक्षात्मक पत्थर की दीवार बनाने का अनुरोध किया गया है। कावनई किले का एक हिस्सा ढह गया और सौभाग्य से जान-माल का कोई नुकसान नहीं हुआ। स्थिति नियंत्रण में है| विटुर्ली शिवारा में दो घर हैं। उन्हें तुरंत गावठान में शिफ्ट कर दिया गया है|
तहसीलदार स्वयं उस स्थान की स्थिति पर नजर रखे हुए हैं। किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए सभी संबंधित एजेंसियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं| घुमक्कड़ों को पहाड़ों, किलों या खतरनाक जगहों पर जाने से भी बचना चाहिए क्योंकि अभी बारिश हो रही है। नागरिकों को किसी भी समस्या के मामले में कलेक्टर कार्यालय आपदा प्रबंधन विभाग के साथ-साथ नासिक जिला संरक्षक मंत्री कार्यालय से संपर्क करना चाहिए।
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