ईरान और अमेरिका के बीच परमाणु कार्यक्रम को लेकर चल रही अहम वार्ताओं के बीच ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने स्पष्ट कर दिया है कि वह अपने परमाणु अधिकारों से पीछे हटने वाला नहीं है। वहीं अमेरिका मांग कर रहा है की की ईरान के परमाणु संवर्धन कार्यक्रम पर 20 साल के लिए रोक लगाई जाए। IRGC के प्रवक्ता इब्राहिम ज़ोल्फाघरी ने कहा कि ईरान यूरेनियम संवर्धन को छोड़ने या अपने परमाणु कार्यक्रम को कमजोर करने के किसी भी प्रस्ताव को स्वीकार नहीं करेगा।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जारी बयान में उन्होंने कहा,”हम युद्ध या न्यूक्लियर पावर पर अपने अधिकार, संप्रभुता या ताकत कभी नहीं छोड़ेंगे।” उन्होंने उन खबरों को भी झूठी बताया, जिनमें दावा किया जा रहा था कि तेहरान अपने परमाणु कार्यक्रम में कटौती कर सकता है।
ईरान और संयुक्त राज्य अमेरिका के बीच चल रही बातचीत का सबसे बड़ा अड़ंगा यूरेनियम संवर्धन (enrichment) को लेकर ही है। अमेरिकी पक्ष चाहता है कि ईरान कम से कम 20 वर्षों के लिए संवर्धन पर रोक लगाए और अपने पास मौजूद उच्च स्तर के संवर्धित यूरेनियम को देश से बाहर करे।
इसके विपरीत, ईरान ने केवल 5 वर्षों की सीमित अवधि के लिए ही इस पर रोक लगाने का प्रस्ताव दिया है। साथ ही, तेहरान ने पूरी तरह यूरेनियम हटाने के बजाय निगरानी में कम संवर्धन स्तर पर करने का विकल्प पेश किया है।
हाल ही में इस्लामाबाद में हुई वार्ता का दौर किसी ठोस नतीजे के बिना समाप्त हो गया। शुरुआती संकेतों में एक अंतरिम समझौते की संभावना जताई जा रही थी, लेकिन बाद में माहौल बदल गया। अमेरिकी उपराष्ट्रपति JD वांस के कड़े रुख और अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल के इस्लामाबाद से लौटने की घोषणा के बाद बातचीत में रुकावट आ गई।
वहीं, बेंजामिन नेतन्याहु ने कहा कि अमेरिका की प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि ईरान कई वर्षों तक संभवतः दशकों तक यूरेनियम संवर्धन पूरी तरह रोक दे और अपने पास मौजूद सामग्री को हटा दे।
इस बीच, डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि व्हाइट हाउस को ईरान की ओर से संपर्क किया गया है और तेहरान समझौता करना चाहता है। उन्होंने यह भी बताया कि अमेरिका ने ईरान पर दबाव बढ़ाने के लिए ईरान से जुड़े शिपिंग नेटवर्क पर नाकाबंदी की घोषणा की है।
राजनीतिक विश्लेषक इयान ब्रेमर ने संकेत दिया है कि दोनों पक्ष लगभग साढ़े बारा वर्षों के संवर्धन निलंबन के समझौते के करीब पहुंच सकते हैं, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। फिलहाल, 21 अप्रैल को समाप्त होने वाले संघर्षविराम (ceasefire) से पहले वार्ता को पुनर्जीवित करने के प्रयास जारी हैं। अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि मतभेदों के बावजूद बातचीत आगे बढ़ रही है और समझौते की संभावना पूरी तरह खत्म नहीं हुई है।
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