कांग्रेस सांसद मनोज कुमार ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यदि नई पीढ़ी को इमरजेंसी के बारे में पढ़ाया जा रहा है, तो अन्य घटनाओं को भी पाठ्यक्रम में शामिल किया जाना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि केवल एक पक्षीय इतिहास नहीं पढ़ाया जाना चाहिए, बल्कि हाल के वर्षों में हुई घटनाओं पर भी चर्चा होनी चाहिए।
उन्होंने भाजपा सरकार पर हमला बोलते हुए कहा, “आप अब युवा पीढ़ी को इमरजेंसी के बारे में बताने की कोशिश कर रहे हैं। मैं यह पूछना चाहता हूं कि एक और बात भी जोड़ी जानी चाहिए कि बिहार में चुनाव कैसे हुए और आपने चुनाव में कैसे धांधली की।
वहीं कांग्रेस नेता हुसैन दलवई के बयान पर पार्टी प्रवक्ता सुरेंद्र राजपूत ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि इंसान जन्म से ही एक सामाजिक और धार्मिक प्रवृत्ति के साथ होता है, लेकिन शिक्षा का उद्देश्य वैज्ञानिक सोच विकसित करना होना चाहिए।
दूसरी ओर, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसद प्रवीण खंडेलवाल ने एनसीईआरटी द्वारा चुनाव आयोग (ईसीआई) पर शामिल किए गए अध्याय का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि यह सराहनीय कदम है क्योंकि इससे छात्रों को देश की लोकतांत्रिक प्रक्रिया को समझने में मदद मिलेगी।
भाजपा प्रवक्ता आर.पी. सिंह ने भी इस कदम का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि कक्षा 9 की पुस्तक में चुनाव आयोग पर शामिल अध्याय छात्रों के लिए बेहद उपयोगी है।
इसी दौरान लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी की विदेश यात्राओं को लेकर भी राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। भाजपा सांसद प्रवीण खंडेलवाल ने कहा कि यह पहली बार नहीं है जब राहुल गांधी बिना पूर्व सूचना के विदेश चले गए हों। उन्होंने दावा किया कि उनकी यात्राओं को लेकर अक्सर स्पष्टता नहीं होती और वे अचानक सार्वजनिक जीवन से अनुपस्थित हो जाते हैं।
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