ऐसा लेटर लिखने का हमारा मकसद दोनों प्रधानमंत्रियों से अपील करना है कि वे कृपया बात करें और भरोसे का माहौल बनाने की कोशिश करें।”
जब पूछा गया कि क्या मोदी सरकार भारत-पाकिस्तान शांति प्रक्रिया के खिलाफ है तो ओपी शाह ने कहा, “यह सवाल सरकार से पूछा जाना चाहिए। भारत के नागरिक के तौर पर मेरी इच्छा है कि हमारे प्रधानमंत्री पाकिस्तान के साथ बेहतर संबंध बनाने के लिए पहल करें। अगर हमारे संबंध बेहतर होते हैं, जैसा कि मैंने पहले कहा, तो सभी को फायदा होगा।
आज संबंध अच्छे नहीं हैं। इसमें कोई शक नहीं है। हमारा वहां कोई उच्चायुक्त नहीं है और उनका यहां कोई उच्चायोग नहीं है। हमारे प्लेन पाकिस्तान नहीं जाते और उनके प्लेन भारत नहीं आ सकते। भारत और पाकिस्तान के बीच सामान्य बातचीत भी नहीं हो रही है।”
क्या कांग्रेस की सरकार भारत और पाकिस्तान के बीच शांति बनाए रखने में ज्यादा मददगार होगी? इसपर उन्होंने कहा, “ठीक है, मैं आज कोई राजनीतिक फैसला नहीं लेना चाहता। मैं बस इतना कहना चाहता हूं कि हम इस सब उपमहाद्वीप में शांति चाहते हैं। हम भारत और पाकिस्तान के बीच सामान्य संबंध चाहते हैं।”
जब पूछा गया कि क्या पाकिस्तान के साथ अच्छे रिश्ते बनाए रखने के लिए राहुल गांधी सबसे अच्छे प्रधानमंत्री होंगे? तो ओपी शाह ने कहा, “मैं चाहता हूं कि जो भी भारत का प्रधानमंत्री बने, उसके पाकिस्तान के साथ बेहतर रिश्ते हों क्योंकि यह हमारे लिए फायदेमंद है।”
भारत और पाकिस्तान के बीच बेहतर संबंधों के लिए कश्मीर में आर्टिकल 370 को फिर से लागू करने को लेकर उन्होंने कहा, “सुप्रीम कोर्ट ने इस मुद्दे पर फैसला सुनाया है, इसलिए ज्यादा कुछ नहीं कहा जा सकता, लेकिन जब इसे हटाया गया, जिस तरह से इसे हटाया गया, हम खुश नहीं थे। आप जानते हैं, उन्हें भरोसे में नहीं लिया गया।
बात यह है कि भारत में सिविल सोसाइटी नाराज थी, क्योंकि जम्मू-कश्मीर सरकार को भरोसे में लिया जाना चाहिए था। अभी नियम था तो बेहतर होता अगर हम उसका इंतजार करते। लेकिन अब सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुना दिया है, हम इसके बारे में ज्यादा कुछ नहीं कह सकते।”
वहीं, भारतीय खिलाड़ियों के क्रिकेट मैच के लिए पाकिस्तान जाने को लेकर ओपी शाह ने कहा, “हम बेहतर संबंध चाहते हैं, हम करीबी संबंध चाहते हैं, इसलिए यह सिर्फ क्रिकेट टीम का सवाल नहीं है, बल्कि हमें कई मामलों में पाकिस्तान के साथ और निश्चित रूप से क्रिकेट टीम के साथ करीबी संबंध बनाने चाहिए।”
क्या भारत पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद का शिकार है? इस सवाल के जवाब में ओपी शाह ने कहा, “यह भारत के लिए एक समस्या है, इसमें कोई शक नहीं है।
आतंकवाद ने हमें प्रभावित किया है और हमने इसे पाकिस्तानी सरकार के ध्यान में लाया है, इसीलिए हम चाहते हैं कि दोनों सरकारें एक-दूसरे से बात करें ताकि आतंकवाद की इस समस्या का समाधान किया जा सके। हम सब उपमहाद्वीप में कोई आतंकवाद नहीं चाहते। यह किसी की मदद नहीं करता—यह सभी को नुकसान पहुंचाता है।”
भारत-पाकिस्तान ट्रैक-2 बातचीत को लेकर उन्होंने कहा, “हम अभी पाकिस्तान नहीं जा सकते, लेकिन मैं बहुत सारे पाकिस्तानियों के साथ जूम पर रेगुलर मीटिंग करता हूं और वे सभी करीबी और बेहतर संबंध चाहते हैं।”
ओपी शाह से जब पूछा गया कि क्या ट्रैक-2 बातचीत शहीदों के परिवारों के साथ अपमान होगी तो उन्होंने कहा, “असल में, शहीदों को असली श्रद्धांजलि तब होगी जब हम ऐसी स्थिति बनाएं जिसमें कोई मारा न जाए और इसके लिए हम दोनों सरकारों के बीच बातचीत का सुझाव दे रहे हैं ताकि कोई बेगुनाह मारा न जाए।”
कर्नाटक खदान हादसा: चट्टान गिरी, बिहार के सात मजदूरों की मौत!



