लखनऊ में मीडिया को संबोधित करते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि सरकार विपक्ष को बदनाम करने के लिए “बच्चों के खेल” न खेले। उन्होंने कहा, “एआई में हम उनसे काफी आगे हैं।” इस दौरान सपा की ओर से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से संबंधित एक एआई वीडियो भी दिखाया गया, जिसके जरिए प्रदेश की कानून-व्यवस्था सहित विभिन्न मुद्दों को उठाया गया।
अखिलेश यादव ने कहा कि उनकी पार्टी ने समाजवादी पार्टी को बूथ स्तर तक मजबूत करने और पीडीए परिवार का विस्तार करने का संकल्प लिया है, ताकि आने वाले समय में सामाजिक न्याय के लिए समर्पित सरकार का गठन किया जा सके।
सपा अध्यक्ष ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर भी भाजपा और निर्वाचन आयोग पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि एसआईआर के बाद भाजपा, निर्वाचन आयोग के साथ मिलीभगत कर दोबारा पुनरीक्षण कराने की साजिश कर सकती है।
सपा प्रमुख ने प्रदेश सरकार पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश में इस समय बड़े पैमाने पर लूट हो रही है। उन्होंने दावा किया कि यह अब तक की सबसे ज्यादा भ्रष्ट सरकार है। उन्होंने कहा कि सरकार स्कूलों को बंद करवा रही है।
उन्होंने कहा कि जिस एक्सप्रेसवे को सरकार की उपलब्धि के तौर पर पेश किया गया, उसमें गड्ढे होने की शिकायतें सामने आ रही हैं। उन्होंने कहा कि अब डिजाइन में गड़बड़ी की बात कही जा रही है, तो सवाल उठता है कि आखिर गलती किसकी थी।
उन्होंने प्रयागराज में कुंभ के आयोजन से लेकर अब तक हुए खर्च का जिक्र करते हुए कहा कि एक लाख करोड़ रुपये से अधिक खर्च होने के बावजूद यह सवाल बना हुआ है कि प्रदेश को उसके अनुरूप विकास का लाभ कितना मिला। उन्होंने कहा कि प्रदेश में भ्रष्टाचार चरम पर है और पूरा उत्तर प्रदेश भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गया है।
राष्ट्रीय लोकदल के अध्यक्ष एवं केंद्रीय मंत्री जयंत चौधरी को लेकर पूछे गए सवाल पर अखिलेश यादव ने भाजपा पर तंज कसा। उन्होंने कहा कि भाजपा अगर जयंत चौधरी को 61 सीटें देती है तो उनका सम्मान बढ़ेगा।



