कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता पवन खेड़ा की डबल वोटर आईडी को लेकर राजनीति फिर तेज हो गई है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय ने आरोप लगाए हैं कि पवन खेड़ा ने अपने पुराने नंबर को बरकरार रखते हुए नए ईपीआईसी नंबर के लिए आवेदन किया था, जो चुनाव कानून का घोर उल्लंघन है।
अमित मालवीय ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पार्टी के लॉ, ह्यूमन राइट्स व आरटीआई विभाग के चेयरमैन अभिषेक मनु सिंघवी की प्रेस कॉन्फ्रेंस का जिक्र किया, जिसमें उन्होंने कहा कि पवन खेड़ा ने अपना नाम नई दिल्ली (40) से जंगपुरा (41) में स्थानांतरित करने के लिए मतदाता पंजीकरण नियम-1960 के नियम-13 के अनुसार फॉर्म-6 भरा था।
इस पर मालवीय ने दावा किया है कि पता बदलने या निर्वाचन क्षेत्र बदलने के लिए फॉर्म 8 होता है। अमित मालवीय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “पवन खेड़ा ने अपना नाम स्थानांतरित करने के लिए फॉर्म 6 भरा था, लेकिन यहां एक पेंच है।
अपनी पोस्ट में उन्होंने चुनाव आयोग से मांग की है कि वह इस पर गंभीरता से ध्यान दे। मालवीय ने लिखा, “वोट चोरी के बारे में सबसे जोर से चिल्लाने वाला व्यक्ति खुद चुनावी कदाचार का दोषी है। कांग्रेस का तंत्र ऐसे वोट चोर लोगों से भरा पड़ा है, राहुल गांधी के दरबारियों से लेकर सोनिया गांधी तक, जिन्होंने भारतीय नागरिकता प्राप्त करने से पहले ही 1980 और फिर 1983 में खुद को मतदाता के रूप में सूचीबद्ध करवा लिया था।”
कांग्रेस पर बड़ा हमला बोलते हुए भाजपा आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय ने कहा कि सच्चाई सामने आ गई है। जो लोग दूसरों पर धोखाधड़ी का आरोप लगाते हैं, वे खुद सबसे बड़े धोखेबाज हैं।
टाटा एडवांस्ड सिस्टम ने नौसेना हेतु विकसित किया पहला नेवल रडार!



