केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने सोमवार (25 अगस्त) को उपराष्ट्रपति पद से जगदीप धनखड़ के इस्तीफे को लेकर फैल रही साजिश की थ्योरीज़ को पूरी तरह खारिज कर दिया। विपक्षी दलों का आरोप था कि धनखड़ को कथित रूप से ‘हाउस अरेस्ट’ में रखकर इस्तीफा दिलवाया गया, लेकिन शाह ने इन दावों को निराधार बताया।
एएनआई को दिए साक्षात्कार में गृहमंत्री शाह ने कहा, “धनखड़ साहब का इस्तीफा पत्र अपने आप में स्पष्ट है। उन्होंने स्वास्थ्य कारणों का हवाला दिया है और प्रधानमंत्री समेत मंत्रियों व सरकार के अन्य सदस्यों के प्रति अपने अच्छे कार्यकाल के लिए आभार भी जताया है।”
शाह ने जोर देकर कहा कि धनखड़ का फैसला पूरी तरह व्यक्तिगत और स्वास्थ्य संबंधी कारणों से जुड़ा है। शाह ने कहा,“हमें इस पर अनावश्यक विवाद नहीं करना चाहिए। धनखड़ जी एक संवैधानिक पद पर थे और उन्होंने संविधान के अनुसार अपने कर्तव्यों का निर्वहन किया। उन्होंने स्वास्थ्य कारणों से इस्तीफा दिया है। इस पर अधिक चर्चा की कोई आवश्यकता नहीं है।”
धनखड़ ने 21 जुलाई को उपराष्ट्रपति पद से इस्तीफा दिया था। उन्होंने डॉक्टरों की सलाह और अपने स्वास्थ्य को प्राथमिकता देने के लिए यह कदम उठाया था। शाह के बयान के बाद स्पष्ट हो गया है कि केंद्र सरकार विपक्ष के आरोपों को केवल राजनीति प्रेरित मानती है और धनखड़ के इस्तीफे को पूरी तरह “स्वास्थ्य आधारित व्यक्तिगत निर्णय” के रूप में देख रही है।
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