प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम ’मन की बात’ के 125वें संस्करण में देशवासियों को संबोधित किया। उन्होंने लगातार बारिश से हुए भूस्खलन और बाढ़ पर दुख व्यक्त करते हुए कहा कि प्राकृतिक आपदाएं देश की बड़ी परीक्षा ले रही हैं। पीएम मोदी ने इस कठिन समय में एकजुटता और आत्मनिर्भरता को मजबूती देने की अपील की।
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने ‘गणेश उत्सव’ और आने वाले त्योहारों का उल्लेख करते हुए कहा कि पूरे देश में उत्साह और उमंग का माहौल है। उन्होंने देशवासियों से आग्रह किया कि त्योहारों के दौरान स्वदेशी वस्तुओं को प्राथमिकता दें।
उन्होंने आत्मनिर्भर भारत को समय की आवश्यकता बताते हुए कहा कि वोकल फॉर लोकल ही विकसित भारत का मंत्र है। बिना सीधे जिक्र किए उन्होंने अमेरिका की ओर से लगाए गए टैरिफ पर प्रतिक्रिया दी और संकेत दिया कि इसका जवाब आत्मनिर्भरता से दिया जाना चाहिए।
प्रधानमंत्री ने त्योहारों के बीच स्वच्छता पर भी विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि जहां स्वच्छता होती है, वहां आनंद और उल्लास और भी बढ़ जाता है। मोदी ने देशवासियों से अपील की कि वे हर परिस्थिति में स्वच्छ भारत अभियान को आगे बढ़ाते रहें।
अपने संबोधन के अंत में प्रधानमंत्री ने श्रोताओं से ’मन की बात’ के लिए संदेश और सुझाव भेजते रहने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि लोगों की भागीदारी ही इस कार्यक्रम को जीवंत बनाती है और अगली बार वह नए विषयों के साथ जुड़ेंगे। पीएम मोदी ने सभी को धन्यवाद और शुभकामनाएं दीं।
एससीओ बैठक में विश्वास, सम्मान और संवेदनशीलता संग संबंध मजबूत!



