सशस्त्र सेना झंडा दिवस: पीएम मोदी ने देशवासियों से फंड में योगदान की अपील

सेनाओं के समर्पण को बताया ‘कर्तव्य का सर्वोत्तम उदाहरण’

सशस्त्र सेना झंडा दिवस: पीएम मोदी ने देशवासियों से फंड में योगदान की अपील

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सशस्त्र सेना झंडा दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और शीर्ष सैन्य नेतृत्व ने रविवार को देश की सेना के साहस, अनुशासन और बलिदान को सलाम किया। नेताओं ने नागरिकों से अपील की कि वे सशस्त्र सेना झंडा दिवस कोष में उदारतापूर्वक योगदान दें, जो युद्ध में घायल सैनिकों, वीर नारियों और शहीद परिवारों के कल्याण के लिए समर्पित है। 1949 से हर वर्ष 7 दिसंबर को यह दिवस देश की सैन्य विरासत, कर्तव्यनिष्ठा और राष्ट्रीय एकजुटता का प्रतीक रहा है।

प्रधानमंत्री मोदी ने ‘X’ पर पोस्ट करते हुए सेनाओं के प्रति राष्ट्र की कृतज्ञता व्यक्त की और कहा कि उनके अनुशासन व त्याग से ही भारत की सुरक्षा और शक्ति मजबूत होती है। पीएम मोदी ने लिखा, “सशस्त्र सेना झंडा दिवस पर, हम उन वीर पुरुषों और महिलाओं के प्रति अपनी हार्दिक कृतज्ञता व्यक्त करते हैं जो अटूट साहस के साथ हमारे राष्ट्र की रक्षा करते हैं। उनका अनुशासन, दृढ़ संकल्प और उत्साह हमारे लोगों की रक्षा करते हैं और हमारे राष्ट्र को मज़बूत बनाते हैं। उनकी प्रतिबद्धता हमारे राष्ट्र के प्रति कर्तव्य, अनुशासन और समर्पण का एक सशक्त उदाहरण है। आइए, हम भी सशस्त्र सेना झंडा दिवस कोष में योगदान दें।” प्रधानमंत्री ने इस संदेश का मूल भाव कायम रखते हुए देशवासियों से फंड में योगदान देने की अपील की।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी सशस्त्र सेनाओं के पराक्रम को नमन किया और सैन्य परिवारों के प्रति राष्ट्र के दायित्व को रेखांकित किया। उन्होंने ‘X’ पर कहा, “सेना झंडा दिवस पर, मैं हमारे सशस्त्र बलों के पराक्रम और बलिदान को नमन करता हूँ। उनका साहस हमारे राष्ट्र की रक्षा करता है, और उनकी निस्वार्थ सेवा हमें उस ऋण की याद दिलाती है जिसे हम कभी चुका नहीं सकते। मैं सभी से सशस्त्र सेना झंडा दिवस कोष में उदारतापूर्वक योगदान देने का आग्रह करता हूँ। आपका सहयोग उनके समर्पण का सम्मान करता है और हमारी रक्षा करने वालों को मज़बूती प्रदान करता है।”

चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल अनिल चौहान ने सेवा में लगे सैनिकों, पूर्व सैनिकों और वीर नारियों को बधाई देते हुए उनकी दृढ़ता और सतत योगदान को राष्ट्र की शक्ति का आधार बताया। इसी प्रकार, रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने भी सोशल मीडिया पर सशस्त्र बलों को नमन किया और नागरिकों से फंड में दान करने की अपील की।

सशस्त्र सेना झंडा दिवस का मुख्य उद्देश्य न केवल सैनिकों के बलिदान को स्मरण करना है, बल्कि युद्ध में घायल जवानों, शहीदों की विधवाओं और आश्रित परिवारों के लिए वित्तीय सहयोग जुटाना भी है। इस अवसर पर देशभर में जागरूकता अभियान चलाए जाते हैं और विभिन्न संगठनों द्वारा दान संग्रह किया जाता है। देश भर में मनाया जा रहा यह दिवस स्मरण कराता है कि राष्ट्र की सुरक्षा में जुटे सैनिकों के प्रति कृतज्ञता केवल शब्दों से नहीं, बल्कि सहयोग और संवेदनशीलता से भी व्यक्त होती है।

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