असम सरकार ने अवैध घुसपैठियों के खिलाफ अपनी कार्रवाई और तेज़ कर दी है। मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने शनिवार को गुवाहाटी में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर साफ कहा कि राज्य अब सिर्फ रोज़ाना की ‘पुशबैक ऑपरेशन्स’ तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि दो मोर्चों पर घुसपैठियों को निशाना बनाया जाएगा।
सीएम सरमा ने कहा,“अब ताज़ा घुसपैठियों के साथ-साथ 1971 के बाद से अवैध रूप से बसे लोगों पर भी कार्रवाई होगी। प्रवासी निष्कासन अधिनियम (Immigrant Expulsion Act) के तहत अब हमें यह अधिकार है कि 1971 के बाद आए किसी भी विदेशी को वापस भेजा जा सके। इसी शक्ति का इस्तेमाल कर हम न केवल नए आने वालों को रोक रहे हैं, बल्कि राज्य में पहले से रह रहे अवैध विदेशियों को भी धकेल रहे हैं।”
मुख्यमंत्री ने बताया कि पिछले 12 महीनों के भीतर 400 से अधिक अवैध घुसपैठियों, जिनमें अधिकांश बांग्लादेशी और रोहिंग्या शामिल थे, को गिरफ्तार कर सीमा पार भेजा जा चुका है। उन्होंने कहा,“यह प्रक्रिया लगातार जारी है। पुशबैक ऑपरेशन्स को और तेज़ कर दिया गया है और यह अभियान जारी रहेगा।”
सरमा ने दोहराया कि असम सरकार की नीति साफ है, 1971 के बाद घुसपैठ कर बसने वालों को राज्य में जगह नहीं मिलेगी। उनका कहना है कि घुसपैठ की समस्या राज्य की सामाजिक संरचना और संसाधनों पर गंभीर असर डाल रही है, इसलिए कठोर कदम उठाना अनिवार्य है।
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