अवामी लीग ने कहा कि बांग्लादेश में संकट से उबरने का एकमात्र व्यावहारिक तरीका स्वतंत्र, निष्पक्ष और समावेशी राष्ट्रीय चुनाव सुनिश्चित करना है, जिसमें सभी प्रमुख राजनीतिक दल एक तटस्थ कार्यवाहक व्यवस्था के तहत शामिल हों।
पार्टी ने ‘बांग्लादेश का संकट 2025 में गहराएगा: राष्ट्र पतन की ओर अग्रसर’ शीर्षक वाली अपनी रिपोर्ट में कहा कि 2024 में पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना की जगह लेने वाली ‘सैन्य समर्थित अंतरिम सरकार’ देश को स्थिरता प्रदान करने में विफल रही है, जिससे अर्थव्यवस्था, सुरक्षा और लोकतांत्रिक व्यवस्था में भारी गिरावट आई है।
बांग्लादेश में बढ़ते इस्लामी आतंकवाद और उग्रवाद पर प्रकाश डालते हुए अवामी लीग ने कहा कि अक्टूबर 2024 से कम से कम 15 इस्लामी हमले हुए हैं। खुफिया रिपोर्टों का हवाला देते हुए पार्टी ने कहा कि चरमपंथी समूहों में युवाओं की भर्ती बढ़ रही है और ऑनलाइन हजारों लोगों को कट्टरपंथी बनाया जा रहा है।
रिपोर्ट के मुताबिक देशभर में 2025 की पहली छमाही में ही अल्पसंख्यकों के खिलाफ चरमपंथियों की हिंसा की कम से कम 40 घटनाएं हुईं। इसके अलावा, अल्पसंख्यकों पर हमले दोगुने हो गए हैं। हिंदू मंदिरों और ईसाई संस्थानों में अक्सर तोड़फोड़ की जाती है।
अवामी लीग ने कहा कि बांग्लादेशी पुलिस अक्सर हस्तक्षेप करने में विफल रहती है। पार्टी का कहना है कि पुलिस की जांच या तो धीमी होती है या होती ही नहीं है, जिसकी वजह से चरमपंथी किसी परिणाम से डरे बिना अपना काम करते रहते हैं।
रिपोर्ट में कहा गया है, “यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार के तहत बांग्लादेश में महिलाओं के खिलाफ हिंसा में चिंताजनक वृद्धि देखी गई है, जिसने कानून प्रवर्तन और सामाजिक सुरक्षा उपायों के व्यवस्थागत पतन को उजागर किया है।”
2025 के पहले छह महीनों में ही बलात्कार और यौन उत्पीड़न के 4,200 से ज्यादा केस इसका संकेत देते हैं। इनमें सामूहिक बलात्कार की कम से कम 650 घटनाएं शामिल हैं, जो 2024 की इसी अवधि के 3,100 मामलों से काफी ज्यादा है। कई पीड़ित ऐसे हैं जो प्रतिशोध के डर या अधिकारियों के प्रति संदेह के कारण रिपोर्ट करने से बचते हैं।
अवामी लीग के अनुसार, यूनुस शासन के तहत आर्थिक गिरावट सिर्फ मंदी नहीं, बल्कि एक व्यवस्थागत पतन है, जिसका आजीविका, सामाजिक स्थिरता और बांग्लादेश के भविष्य की नींव पर व्यापक प्रभाव पड़ रहा है।
रिपोर्ट में बांग्लादेश में आर्थिक पतन का ब्योरा देते हुए कहा गया, “2023 में जीडीपी वृद्धि दर 6.1 प्रतिशत से गिरकर 2025 में 2.3 प्रतिशत रह गई है। मुद्रास्फीति 12 प्रतिशत से ऊपर चल रही है, जिसमें खाद्य मुद्रास्फीति 16 प्रतिशत है।
इसमें आगे कहा गया है, “युवा बेरोजगारी 28 प्रतिशत से ज्यादा हो गई है, जो दक्षिण एशिया में सबसे ज्यादा है। लाखों कामगारों द्वारा अपने देश में पैसे ट्रांसफर करने की दर साल-दर-साल 11 प्रतिशत गिरी है। निर्यात में गिरावट के कारण कपड़ा क्षेत्र में 20 लाख से ज्यादा कर्मचारियों को छंटनी का सामना करना पड़ रहा है।”
पार्टी का कहना है कि वर्तमान अंतरिम सरकार, नेशनल सिटीजंस पार्टी (एनसीपी) से घनिष्ठ रूप से जुड़ी हुई है और पहले ही राजनीतिक पूर्वाग्रह से ग्रसित है, जिससे वह निष्पक्ष चुनाव कराने में असमर्थ है।
पार्टी ने चेतावनी दी कि एक सच्चे तटस्थ ढांचे के बिना कोई भी चुनावी प्रक्रिया बांग्लादेश में दमन, अराजकता और अन्याय के मौजूदा माहौल को मजबूत करने का जोखिम उठाएगी।
ईडी ने 425 करोड़ बैंक धोखाधड़ी मामले में दिल्ली-पुणे छापेमारी!



