बाबूलाल मरांडी ने सुबह मुख्यमंत्री आवास के घेराव के दौरान खुद और भाजपा के कई विधायकों एवं नेताओं को हिरासत में लिए जाने का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि छात्र पिछले 15 दिनों से परीक्षाओं की सीबीआई जांच की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे हैं और भाजपा विधायक इसी मांग को लेकर मुख्यमंत्री से मिलने जा रहे थे। उनके अनुसार, मुख्यमंत्री आवास के बाहर ही उन्हें रोक दिया गया और बाद में खेलगांव स्थित कैंप जेल में डिटेन कर दिया गया।
उन्होंने सरकार पर ‘तानाशाही’ का आरोप लगाते हुए कहा कि छात्रों को न्याय दिलाने के लिए भाजपा का संघर्ष जारी रहेगा। छात्रों पर पुलिस कार्रवाई को लेकर भी मरांडी ने कई पोस्ट किए। उन्होंने आरोप लगाया कि अपने हक और अधिकार की मांग कर रहे युवाओं पर पुलिस ने लाठियां बरसाईं। उन्होंने कहा कि कई छात्र घायल हुए हैं और उनके शरीर पर चोट के निशान हैं। उन्होंने पुलिस कार्रवाई को लेकर सरकार पर संवेदनहीनता का आरोप लगाया।
मरांडी ने अपने पोस्ट में आंदोलन को ‘अगस्त क्रांति’ बताते हुए कहा कि छात्रों की मांगें नहीं माने जाने तक संघर्ष जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि जेपीएससी और जेएसएससी में कथित अनियमितताओं और नौकरी बेचे जाने के आरोपों की सीबीआई जांच होनी चाहिए। उन्होंने सरकार पर आंदोलन को दबाने का आरोप लगाते हुए वाटर कैनन के इस्तेमाल का भी विरोध किया।
उन्होंने कहा कि बारिश के बीच छात्रों को धरना स्थल पर टेंट लगाने की अनुमति नहीं दी गई और बाद में प्रदर्शनकारियों पर वाटर कैनन का इस्तेमाल किया गया। उन्होंने कहा कि पानी की बौछार से छात्रों की आवाज दबने वाली नहीं है।
