उन्होंने आईएएनएस से बातचीत में दावा किया कि जनता ने एनडीए और पीएम नरेंद्र मोदी के नेतृत्व को चुना है, जिसे विपक्ष स्वीकार नहीं कर पा रहा है। विपक्ष का बिहार बंद सिर्फ चुनावी शोर है, जिसका कोई आधार नहीं है। कांग्रेस और राजद गठबंधन मतदाताओं को डराने और वोटिंग से हतोत्साहित करने की कोशिश कर रहा है।
उन्होंने जोर दिया कि चुनाव आयोग निष्पक्ष रूप से मतदाता सूची का सत्यापन कर रहा है और विपक्ष इसे मुद्दा बनाकर भ्रम फैला रहा है। सुप्रीम कोर्ट में इस मुद्दे पर सुनवाई होनी है और आयोग ने 24 घंटे में 47 फीसद मतदाता सूची को सुधार लिया है। सभी दलों और चुनाव आयोग की जिम्मेदारी है कि मतदाता बिना भय और भ्रम के अपने मताधिकार का उपयोग करें।
बिहार में नीतीश सरकार के हालिया फैसले की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि महिलाओं को नौकरियों में 35 फीसदी आरक्षण का निर्णय ऐतिहासिक है। एनडीए सरकार समाज के सभी वर्गों महिलाएं, दलितों, पिछड़े और कमजोर तबके के विकास के लिए प्रतिबद्ध है। यह आरक्षण बिहार की मूल निवासी महिलाओं को सीधी भर्ती में अवसर देगा, जो सुशासन का प्रतीक है।
महाराष्ट्र में जारी भाषा विवाद पर नकवी ने कहा कि मराठी भाषा का गौरवशाली इतिहास है, जिसे पूरा देश सम्मान देता है। हिंदी हमेशा अन्य भाषाओं को बढ़ावा देने वाली रही है, न कि उनकी प्रतिद्वंदी। इस तरह के विवाद अनावश्यक और समाज में अशांति फैलाने वाले हैं।
उन्होंने कानपुर में बोर्ड उखाड़े जाने की घटना का जिक्र करते हुए कहा कि इस तरह की हरकतें ठीक नहीं हैं।
वरिष्ठ नागरिकों की गरिमा और संरक्षण के लिए सरकार प्रतिबद्ध : सीएम धामी!



