बरेली हिंसा: बुलडोजर के बाद अब ‘बिजली बिल’ का झटका, तौकीर रजा के करीबियों पर ताबड़तोड़ कार्रवाई

बरेली हिंसा: बुलडोजर के बाद अब ‘बिजली बिल’ का झटका, तौकीर रजा के करीबियों पर ताबड़तोड़ कार्रवाई

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उत्तर प्रदेश के बरेली में जुमे की नमाज़ के बाद 26 सितंबर को भड़की हिंसा के मामले में प्रशासन की सख्त कार्रवाई लगातार जारी है। पहले अवैध निर्माणों पर बुलडोजर चला, अब हिंसा के आरोपियों को बिजली बिल के भारी बकाये का झटका दिया गया है। प्रशासन और पुलिस के साथ अब बिजली विभाग भी आरोपियों पर शिकंजा कस रहा है।

मौलाना तौकीर रजा के करीबी और हिंसा के मुख्य आरोपियों में शामिल लोगों पर एक करोड़ 26 लाख रुपये की आरसी (Recovery Certificate) जारी की गई है। देर रात जारी इस आरसी की वसूली अब तहसील प्रशासन करेगा। बिजली विभाग ने बताया कि जिन लोगों पर कार्रवाई हुई है, उनमें से कुछ पर पहले से ही बिजली चोरी और बकाये के मामले दर्ज थे। वहीं, ओमान रजा के अवैध चार्जिंग स्टेशन पर विभाग ने 1 करोड़ 12 लाख रुपये का जुर्माना लगाया था।

इसके अलावा, शनिवार को तौकीर रजा के खास सहयोगी नफीस खान के मैरेज हाल ‘रजा पैलेस’ को बुलडोजर लगाकर ध्वस्त किया गया। यह निर्माण कथित तौर पर अवैध जमीन पर किया गया था। बरेली विकास प्राधिकरण (BDA) के उपाध्यक्ष ने बताया कि “घर का नक्शा पास करवाया गया था, लेकिन वहाँ बारात घर बना दिया गया, इसलिए कार्रवाई की गई।” रविवार को इस भवन के शेष हिस्से को भी ढहाने की तैयारी है।

इसी कड़ी में तौकीर रजा को शरण देने वाले फरहत खान के मकान और चार दुकानों को भी सील कर दिया गया है। वहीं, नदीम खान, जो तौकीर रजा के रसूख के दम पर करोड़ों की जमीन पर चार दुकानें बनवाने का आरोप झेल रहा है, उसकी संपत्तियों को भी प्रशासन ने सील कर दिया। नफीस खान की चश्मे की दुकान, जहाँ वह खुद को डॉक्टर बताता था, उसे भी बंद कर दिया गया है।

बरेली प्रशासन ने साफ किया है कि हिंसा में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। अब तक 10 एफआईआर दर्ज कर 126 लोगों को नामज़द आरोपी बनाया गया है, जिनमें से 83 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है।

प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, बरेली हिंसा में शामिल सभी आरोपियों की अवैध संपत्तियों, दुकानों और ठिकानों पर बुलडोजर और सीलिंग की कार्रवाई जारी रहेगी। इसी क्रम में फाइक इंक्लेव स्थित फरहत खान के मकान को भी नोटिस की अवधि पूरी होने पर सील कर दिया गया। शनिवार को कार्रवाई के दौरान सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री और अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौके पर मौजूद रहे।

बरेली हिंसा प्रकरण अब केवल पुलिस की जांच तक सीमित नहीं रहा प्रशासन, बिजली विभाग और बीडीए तीनों एजेंसियाँ समन्वय में काम कर रही हैं। अवैध निर्माण, बिजली चोरी और हिंसा में शामिल लोगों के आर्थिक नेटवर्क को तोड़ने के लिए यह कार्रवाई जारी रखी जाएगी।

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