राष्ट्रीय लोक जनशक्ति पार्टी (आरएलजेपी) के प्रमुख पशुपति कुमार पारस ने दावा किया कि बिहार की हालत बद से बदतर हो चुकी है। उन्होंने कहा कि 32 जिलों का दौरा करने के बाद साफ दिख रहा है कि जनता बदलाव चाहती है।
नीतीश कुमार पर सीधा हमला करते हुए उन्होंने उन्हें “मानसिक रूप से बीमार” बताया और कहा कि कानून-व्यवस्था व शिक्षा की स्थिति पूरी तरह चरमरा चुकी है।
वहीं, महागठबंधन भी सत्ता में वापसी के लिए पूरी ताकत झोंक रहा है। खासकर खगड़िया की अलौली सीट पर सभी की नजरें हैं, जो पिछले दो चुनावों में आरजेडी के खाते में गई थी। इस सीट पर किसी पार्टी का स्थायी दबदबा नहीं रहा है, लेकिन राजद ने यहां अपनी पकड़ मजबूत कर ली है।
इस बीच, लोजपा (रामविलास) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने पूर्णिया की रंगभूमि मैदान में “नव संकल्प महासभा” को संबोधित किया। उन्होंने कांग्रेस-राजद पर जातीय समीकरणों की राजनीति करने का आरोप लगाया और कहा कि बिहार के पिछड़ेपन की जड़ यही राजनीति है। चिराग ने “बिहार फर्स्ट, बिहारी फर्स्ट” के नारे पर जोर देते हुए नई सोच की अपील की।
सभा की शुरुआत में उन्होंने बिहार के पहले दलित मुख्यमंत्री भोला पासवान शास्त्री को श्रद्धांजलि दी और इसे अपने लिए सौभाग्य बताया कि उनकी जयंती पर इतना बड़ा आयोजन हो रहा है। चिराग ने दावा किया कि इस महासभा में सात जिलों से लोग शामिल हुए, जो बदलाव की ओर जनता के झुकाव का संकेत है।
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