मराठा आरक्षण आंदोलन में बड़ी सफलता, सरकार ने छह मांगें स्वीकार कीं! 

मंत्री राधाकृष्ण पाटिल की अगुवाई में सरकार ने आठ में से छह मांगों को मान लिया है। इनमें हैदराबाद गजट को तत्काल लागू करने का निर्णय शामिल है।

मराठा आरक्षण आंदोलन में बड़ी सफलता, सरकार ने छह मांगें स्वीकार कीं! 

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मराठा आरक्षण आंदोलन को बड़ी सफलता मिली है। आंदोलन के नेता मनोज जरांगे ने पांच दिन के अनशन के बाद जीत का ऐलान करते हुए कहा कि सरकार ने उनकी प्रमुख मांगें स्वीकार कर ली हैं। उन्होंने कहा कि यदि सरकार रात 9 बजे तक मराठा और कुनबी को एक ही समुदाय मानते हुए जीआर (शासन निर्णय) जारी करती है, तो वह मुंबई छोड़ देंगे।

मंत्री राधाकृष्ण पाटिल की अगुवाई में सरकार ने आठ में से छह मांगों को मान लिया है। इनमें हैदराबाद गजट को तत्काल लागू करने का निर्णय शामिल है। सरकार ने यह भी वादा किया है कि आंदोलन में जान गंवाने वालों के परिजनों को मुआवजा दिया जाएगा और प्रदर्शनकारियों पर दर्ज केस वापस लिए जाएंगे।

हालांकि, बॉम्बे हाईकोर्ट ने आंदोलन के दौरान हुई अव्यवस्था पर सख्ती दिखाई है। अदालत ने नाराजगी जताई कि पहले ही यह बताया जाना चाहिए था कि भीड़ 5,000 से ज्यादा है। पुलिस ने कहा कि आजाद मैदान में 40,000 से ज्यादा लोग और हजारों वाहन जमा हो गए थे, जिससे ट्रैफिक जाम और सार्वजनिक असुविधा हुई।

पुलिस ने आंदोलनकारियों को आजाद मैदान खाली करने का नोटिस जारी किया है। जरांगे ने भी कोर्ट से माफी मांगते हुए अपील की है कि उनके समर्थक शांति बनाए रखें। हाईकोर्ट ने अब अगली सुनवाई बुधवार तक टाल दी है।

फिलहाल आंदोलन स्थगित कर दिया गया है, लेकिन जरांगे ने सरकार को दो महीने का समय दिया है कि वह वादों को पूरा करे, अन्यथा आंदोलन फिर से शुरू किया जाएगा।

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