उदित राज पटना में एक कार्यक्रम में शामिल होने के लिए पहुंचे थे। उन्होंने कहा कि उनके आने का एकमात्र उद्देश्य “संविधान को बचाना” है। उन्होंने कहा कि बिहार के अंदर राजनीतिक चेतना ज्यादा है, लेकिन सामाजिक चेतना का अभाव है। इसकी वजह से सामंती सोच बनी हुई है। यहां जितना राजनीतिक परिवर्तन की जरूरत है, उससे कहीं ज्यादा सामाजिक परिवर्तन की जरूरत है।
कांग्रेस नेता ने जाति जनगणना पर जोर दिया। साथ ही देश से इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) को हटाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि लोगों का ईवीएम पर भरोसा नहीं है। इसलिए देश में निष्पक्ष चुनाव आयोजित कराने के लिए ईवीएम को हटाना चाहिए।
दूसरी ओर, केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कांग्रेस नेता ने कहा कि साल 2014 के बाद से देश में युवाओं के सामने रोजगार का संकट गहरा गया है।
बिहार में इस साल होने वाले विधानसभा चुनाव में दलितों को रिझाने के लिए कई दल सामने आए हैं। जब इस पर कांग्रेस नेता से प्रतिक्रिया मांगी गई, तो उन्होंने कहा कि जो लोग संविधान बचाने की लड़ाई में साथ नहीं हैं, वे सिर्फ अपने स्वार्थ के लिए खुद को दलित नेता बताते हैं।
नई दिल्ली:13 थाना को छोड़कर पूरे मणिपुर में अफस्पा लागू, अरुणाचल और मणिपुर में भी समय सीमा बढ़ी!