बिहार विधानसभा चुनाव के पहले चरण से ठीक पहले, मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार ने रविवार (2 नवंबर)को स्पष्ट किया कि चुनाव आयोग हिंसा के प्रति शून्य सहिष्णुता (Zero Tolerance) की नीति अपनाए हुए है। उन्होंने कहा कि चाहे मामला सत्ताधारी दल से जुड़ा हो या विपक्ष से, आयोग के लिए सभी समान हैं। बिहार में जदयू (JDU) के एक उम्मीदवार की हत्या के आरोप में गिरफ्तारी ने सियासी माहौल को गर्मा दिया है। आयोग ने इस पर सख्त रुख अपनाते हुए कहा है कि किसी भी उम्मीदवार या राजनीतिक दल को कानून से ऊपर नहीं माना जाएगा।
कानपुर में रविवार को पत्रकारों से बात करते हुए ज्ञानेश कुमार ने कहा,“मैं सभी से अपील करता हूं कि वे चुनाव प्रक्रिया में भाग लें और अपने मतदान के अधिकार का उपयोग करें। हिंसा के विषय में चुनाव आयोग स्पष्ट करना चाहता है कि आयोग का हिंसा के प्रति शून्य सहिष्णुता का रुख है। किसी भी प्रकार की हिंसा को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।”
उन्होंने आगे कहा कि आयोग की पूरी मशीनरी शांतिपूर्ण और निष्पक्ष मतदान सुनिश्चित करने के लिए तैयार है।“हमारे 243 रिटर्निंग ऑफिसर, उतनी ही संख्या में प्रेक्षक, प्रत्येक जिले के कलेक्टर, जिला अधिकारी, एसपी, एसएसपी, पुलिस प्रेक्षक, सभी तैयार हैं ताकि मतदाता शांति से वोट डाल सकें,” उन्होंने बताया।
#WATCH | Kanpur, UP | On #BiharElection2025, CEC Gyanesh Kumar says, "…In the Bihar elections, every political party is contesting and appealing to voters in its own way. I want to make it clear once again that for the Election Commission, there is no ruling party or… pic.twitter.com/RPvX1U0k5w
— ANI (@ANI) November 2, 2025
मुख्य चुनाव आयुक्त ने यह भी दोहराया कि आयोग के लिए सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों समान हैं, और किसी भी राजनीतिक दल को विशेष छूट नहीं दी जाएगी। ज्ञानेश कुमार रविवार को भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) कानपुर में थे, जहाँ उन्हें डिस्टिंग्विश्ड एलुमनाई अवॉर्ड (DAA) से सम्मानित किया गया। इसी दौरान उन्होंने बिहार चुनावों की तैयारियों पर संवाददाताओं से चर्चा की।
बिहार में विधानसभा चुनाव का पहला चरण 6 नवंबर, गुरुवार को होने जा रहा है। इस दौरान कई जिलों में सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम किए गए हैं, विशेषकर उन इलाकों में जहाँ पहले के चुनावों में हिंसा की घटनाएँ दर्ज की गई थीं।
चुनाव आयोग ने राज्य प्रशासन को निर्देश दिया है कि मतदाताओं को किसी भी तरह के भय या दबाव से मुक्त वातावरण में मतदान करने दिया जाए। ज्ञानेश कुमार के इस बयान को सख्त चेतावनी और पारदर्शी चुनाव प्रक्रिया के प्रति आयोग की प्रतिबद्धता के रूप में देखा जा रहा है।
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