बिहार विधान चुनाव: तीन दिग्गज नेताओं ने राजद का थामा दामन!

इस बीच विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने सोशल मीडिया पर बेरोजगारी और गरीबी के मुद्दे पर एनडीए सरकार को कठघरे में खड़ा किया।

बिहार विधान चुनाव: तीन दिग्गज नेताओं ने राजद का थामा दामन!

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बिहार विधानसभा चुनाव से पहले सियासी समीकरण तेजी से बदल रहे हैं। सोमवार को पटना स्थित राजद प्रदेश कार्यालय में भाजपा के कई वरिष्ठ नेता पार्टी छोड़कर राजद में शामिल हो गए। इनमें वीरेन्द्र प्रसाद कुशवाहा, प्रेमचंद कुशवाहा और रवीन्द्र प्रसाद कुशवाहा प्रमुख नाम हैं। इनके साथ जयराम प्रसाद, दरोगा राम और ललन प्रसाद समेत अन्य नेताओं ने भी समर्थकों के साथ लालटेन का दामन थाम लिया।

राजद शिक्षक प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष कुमार राय और प्रवक्ता एजाज अहमद ने इन सभी नेताओं का पार्टी में स्वागत किया। कुमार राय ने कहा कि लालू प्रसाद यादव की सामाजिक न्याय की विचारधारा और तेजस्वी यादव के शिक्षा व रोजगार आधारित विज़न से प्रभावित होकर शिक्षक और भाजपा के नेता लगातार राजद का हिस्सा बन रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि यह सिलसिला आने वाले दिनों में और तेज होगा।

इस बीच विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने सोशल मीडिया पर बेरोजगारी और गरीबी के मुद्दे पर एनडीए सरकार को कठघरे में खड़ा किया।

उन्होंने कहा कि 20 वर्षों से बिहार और 11 वर्षों से केंद्र की सत्ता में रहने के बावजूद नीतीश कुमार और नरेंद्र मोदी राज्य को पलायन और बेरोजगारी से मुक्त नहीं करा सके। तेजस्वी ने आरोप लगाया कि बिहार की प्रति व्यक्ति आय आज भी अफ्रीकी देशों युगांडा और रवांडा से कम है, जबकि यहां की कृषि उपज विश्व प्रसिद्ध है।

तेजस्वी ने सवाल उठाया कि आखिर क्यों बिहार में आईटी कंपनियां नहीं आईं, उद्योग-विशिष्ट क्लस्टर और सेज क्यों नहीं बने? उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने भर्ती परीक्षाओं और नियुक्तियों को न तो पारदर्शी बनाया और न ही नियमित।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि कुशवाहा समाज से जुड़े नेताओं के राजद में आने से पार्टी को नई ताकत मिलेगी, वहीं भाजपा को संगठनात्मक स्तर पर झटका लग सकता है।

 
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