मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के एक बयान ने इस विवाद को और हवा दी है, जिसके बाद राज्य में विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने तीखा हमला बोला है।
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इस घटना पर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा, “लड़की एक निजी मेडिकल कॉलेज में पढ़ रही थी। इसकी जिम्मेदारी किसकी है? निजी मेडिकल कॉलेजों से अपेक्षा की जाती है कि वे अपने स्टूडेंट्स, खासकर छात्राओं की सुरक्षा का पूरा ध्यान रखें। रात में उन्हें बाहर जाने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए।”
सीएम ममता बनर्जी के ‘लड़कियों के रात में बाहर नहीं जाने वाले’ बयान ने सियासी गलियारों में विवाद को जन्म दे दिया है। भाजपा ने ममता के इस बयान को असंवेदनशील और निंदनीय करार दिया है।
केंद्रीय शिक्षा राज्य मंत्री और भाजपा सांसद सुकांत मजूमदार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “प्रशासन के सर्वोच्च पद पर रहते हुए, जबकि वह स्वयं गृह विभाग संभाल रही हैं और एक महिला होने के नाते उनकी यह टिप्पणी अत्यंत निंदनीय और शर्मनाक है।
भाजपा के आईटी सेल प्रमुख अमित मालवीय ने भी ममता के बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने एक्स पर लिखा, “ममता बनर्जी ने ओडिशा की एक एमबीबीएस छात्रा, जिसके साथ दुर्गापुर के आईक्यू सिटी मेडिकल कॉलेज में वासिफ अली और उसके साथियों ने सामूहिक बलात्कार किया को ही इसके लिए जिम्मेदार ठहराया।
इस घटना के विरोध में रविवार को पुरुलिया जिले के काशीपुर थाने के सामने भाजपा ने विरोध प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन में पुरुलिया जिला भाजपा अध्यक्ष शंकर महतो, काशीपुर विधायक कमलाकांत हांसदा और अन्य कार्यकर्ता शामिल हुए।
विधायक कमलाकांत हांसदा ने कहा, “दुर्गापुर की इस बर्बर घटना से हम व्यथित हैं। प्रशासन को तुरंत कार्रवाई कर दोषियों को कड़ी सजा देनी चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों।”
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