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‘वोट चोरी’ पर भाजपा का पलटवार निकाले रायबरेली के 47 नकली वोट!

अनुराग ठाकुर बोले—कांग्रेस ने अंबेडकर को हरवाकर 1952 में ही रख दी चुनावी भ्रष्टाचार की नींव, सोनिया के वोटर आईडी पर भी उठाए सवाल

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कांग्रेस के ‘वोट चोरी’ के आरोपों पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने तीखा पलटवार किया है। केंद्रीय मंत्री और वरिष्ठ भाजपा नेता अनुराग ठाकुर ने दिल्ली स्थित पार्टी मुख्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए कहा कि कांग्रेस हर चुनावी हार के बाद नया बहाना ढूंढती है, कभी EVM, कभी चुनाव आयोग, और कभी संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल। उन्होंने कहा, “हारते ये हैं और इल्जाम चुनाव आयोग और भाजपा पर लगा देते हैं। इनकी हालत वैसी है कि धूल चेहरे पर थी और आईना साफ करते रहे।”

अनुराग ठाकुर ने दावा किया कि कांग्रेस ने संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर को हरवाकर 1952 में ही चुनावी भ्रष्टाचार की नींव रख दी थी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने CPI के साथ मिलकर अंबेडकर को हराया, उस समय 74,333 वोट खारिज किए गए जबकि अंबेडकर मात्र 14,561 वोट से हारे थे। ठाकुर के बताया, “31 अप्रैल 1952 को डॉ. अंबेडकर ने 18 पेज की याचिका दी थी, जिसमें चुनावी भ्रष्टाचार का उल्लेख था।”

प्रेस वार्ता में ठाकुर ने रायबरेली का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां एक ही घर से 47 डुप्लिकेट वोटर पाए गए। मोहम्मद कैफ खान नाम के मतदाता का नाम बूथ 83, 151 और 218 की वोटर लिस्ट में है। मकान नंबर 189 के पोलिंग बूथ 131 पर मोहम्मद इस्लाम, मोहम्मद कासिम और साफिया सहित 47 वोटर आईडी दर्ज हैं। पश्चिम बंगाल के डायमंड हार्बर लोकसभा क्षेत्र में भी एक ही मकान नंबर 0011 पर कई मतदाता रजिस्टर्ड हैं।

ठाकुर ने कहा कि कांग्रेस चुनाव आयोग में भी अपने लोगों को बैठाकर फायदा उठाती रही है। 2005 में सोनिया गांधी द्वारा नवीन चावला की नियुक्ति का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि तत्कालीन मुख्य चुनाव आयुक्त गोपाल स्वामी ने लिखित शिकायत दी थी कि नवीन चावला ने फोन पर सोनिया गांधी से बात कर गोपनीय जानकारी लीक की। ठाकुर ने आरोप लगाया कि चुनाव आयुक्त आरके त्रिवेदी, लिंगदोह, रमा देवी और टीएन शेषन भी कांग्रेस से जुड़े और कुछ ने चुनाव लड़ा, हालांकि हार गए।

इसी बीच भाजपा आईटी सेल प्रमुख अमित मालवीय ने सोशल मीडिया पर दावा किया कि सोनिया गांधी को भारत की नागरिकता मिलने से पहले ही उनका वोटर आईडी कार्ड बन गया था। उन्होंने कहा कि सोनिया का नाम 1980 की वोटर लिस्ट में शामिल हुआ, जबकि उन्हें नागरिकता 1983 में मिली।

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