भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष सुरेश राणा ने कहा, “इंडिया ब्लॉक के नेता लगातार भ्रम की स्थिति में हैं। शायद पहली बार हमने उन्हें इस तरह से मॉक पार्लियामेंट करते हुए देखा है। यह सीधे तौर पर लोकतंत्र का अपमान है, भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है और इसकी लोकतांत्रिक व्यवस्था को वैश्विक स्तर पर मान्यता प्राप्त है।
यूपी के मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने कहा कि कांग्रेस हमेशा से ही व्यवस्था के खिलाफ रही है, केवल आज से नहीं बल्कि आजादी के समय से। सोनिया गांधी से लेकर राहुल गांधी तक, इन्होंने लगातार व्यवस्था को कमजोर करने का काम किया है। ये हमेशा हमारी आलोचना करते रहे हैं, सनातन धर्म और हिंदुत्व को नकारते रहे हैं और राम मंदिर का विरोध करते रहे हैं। जब इनके पास कोई और मुद्दा नहीं होता, तो ये वोट चोरी के आरोप लगाते रहते हैं।
उत्तर प्रदेश के मंत्री दानिश आजाद अंसारी ने कहा कि अगर राहुल गांधी को व्यापारियों और आम जनता की चिंता होती, तो वह त्योहारी सीजन में रैली का आह्वान नहीं करते, जिससे व्यापारियों की आजीविका प्रभावित होती है। राहुल गांधी को केवल अपने निजी हितों की चिंता है।
भाजपा सांसद जगदंबिका पाल ने कहा कि रैली किस बात की है? मुद्दा क्या है? वे एसआईआर और वोट चोरी के मुद्दे उठा रहे हैं। क्या देश के किसी राज्य में जनता के बीच ये मुद्दे उठाए जा रहे हैं? चुनाव आयोग लगातार संशोधन कर रहा है और मतदाताओं को मतदाता सूची में अपना नाम जोड़ने का मौका दे रहा है। उत्तर प्रदेश में दो दिन तक विशेष पुनरीक्षण अभियान चलाया गया, जिसके दौरान बीएलओ हर मतदान केंद्र पर गए।
इंडिया ब्लॉक की रैली की निंदा करते हुए पश्चिम बंगाल के राज्य मंत्री गौरीशंकर घोष ने कहा कि उनका जो झूठा हंगामा है, उसे सारे हिंदुस्तान की पब्लिक जान जाएगी। उन्होंने बार-बार बैलेट से वोट कराने की बात की, बैलेट से वोट हुआ तो कांग्रेस शून्य हो गई, टीएमसी शून्य हो गई। पहले पेपर लीक की बात करते थे, उसके बाद बोले कि ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा चाहिए। बैलेट से वोट हुआ तो उन्हें एक भी सीट नहीं मिलेगी।
उन्होंने कहा कि विपक्ष के पास कोई उपाय नहीं है। इसलिए सारे लोग एकजुट होकर रामलीला मैदान में आंदोलन कर रहे हैं। पूरे भारत के लोग उनके खिलाफ हैं। दो-चार झूठे लोग हैं, पाकिस्तानी, अफगानिस्तानी और बांग्लादेशी हैं, उन्हें जुटाकर रामलीला में एकत्र हुए हैं।
भाजपा विधायक सुकांत दलुई ने कहा कि इंडिया ब्लॉक का कोई अस्तित्व नहीं है। वे लोग अस्तित्व के संकट में फंसे हुए हैं, इसलिए देश का माहौल बिगाड़ने के लिए विभिन्न कार्यक्रम चला रहे हैं। उनका कोई असर लोगों के मन पर नहीं पड़ रहा है। वे सरकार को किसी भी तरह से बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन ऐसा नहीं होगा। भारत के लोगों ने लोकतांत्रिक तरीके से सरकार को चुना है और उसके दोबारा समर्थन के लिए तैयार हैं।
उन्होंने कहा कि इंडिया ब्लॉक का कोई असर नहीं पड़ेगा। बंगाल के एक नेता इस समय जिस स्थिति में हैं, वह अधीर हो गए हैं। जो पद उनके पास था, उसका अब कोई महत्व नहीं रह गया है। उनका जो दल था, उसका नाम और पहचान भी कमजोर पड़ गई है। इसलिए वे ठोकर खाकर भटक रहे हैं। इसका न तो बंगाल में कोई असर पड़ेगा और न ही देश में कोई असर पड़ेगा।



