संजय टंडन ने आगे कहा कि मेरा मानना है कि आज के जेनरेशन को शायद 1975 के बारे में जानकारी न हो। ये सारे गलत काम कांग्रेस के राज में इंदिरा गांधी के नेतृत्व में हुए थे। लोकतंत्र को लेकर कांग्रेस की ओर से जब बात की जाती है तो कई बार हंसी आती है कि जिन्होंने लोकतंत्र का गला घोंटा हो वे किस मुंह से ऐसी बात करते हैं। हम लोगों को पता है कि लोगों को जेलों में कैसे यातनाएं दी गईं।
संजय टंडन ने आगे कहा कि इलाहाबाद हाई कोर्ट की ओर से इंदिरा गांधी के चुनाव को रद्द कर दिया गया था। इंदिरा गांधी को इतना ही करना था कि किसी को प्रधानमंत्री का पद सौंप कर सुप्रीम कोर्ट में अपना केस लड़तीं। ऐसा काम करने की बजाए, उन्होंने पूरे देश को जोखिम में डाल दिया। उनकी ओर से आपातकाल की घोषणा कर दी गई और सभी लोगों को जेल में डाल दिया गया।
टंडन ने आगे कहा कि संविधान को बदलकर कहा गया कि राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, स्पीकर लोकसभा और प्रधानमंत्री के चुनाव को कोई चैलेंज ही नहीं कर सकता। ऐसे कानून को पास कर दिया गया। देशभर को मैं बताना चाहता हूं कि लोकतंत्र की हत्या करना कांग्रेस पार्टी की बुनियाद ही रही है। इसको लेकर नागरिकों को जागरूक होना चाहिए।
वहीं, आईएएनएस से बात करते हुए भाजपा नेता मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा कि कुर्सी बचाने के लिए 25 जून की आधी रात को कांग्रेस पार्टी की ओर से संविधान की हत्या करने की कोशिश की गई थी। वह कांग्रेस के चेहरे पर ऐसा कलंक है, जो कभी नहीं मिट सकता।
मुख्तार अब्बास नकवी ने आगे कहा कि कांग्रेस की ओर से संविधान के मूल्यों और मर्यादाओं की धज्जियां उड़ा दी गई थी। लाखों लोगों को जेल में डाल दिया गया था। मैं खुद 17 वर्ष की उम्र में जेल में था। हमारे जैसे तमाम युवा जेल में यातनाएं सह रहे थे। लाखों लोगों की हत्या कर दी गई थी। इस आपराधिक कलंक को कांग्रेस कभी मिटा नहीं सकती। उनको देश से माफी मांग कर पाप का पश्चाताप करना चाहिए।
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