तुहिन सिन्हा ने कहा कि इस मामले में भाजपा के वरिष्ठ नेता बाबूलाल मरांडी ने सबसे पहले 8 सितंबर को रांची में प्रेसवार्ता कर खुलासा किया था, जिसके बाद झारखंड हाईकोर्ट ने स्वतः संज्ञान लिया। 13 अक्टूबर को हुई सुनवाई के दौरान कोर्ट ने राज्य सरकार को निर्देश दिया है कि वह अगले चार हफ्तों में इस घोटाले पर विस्तृत जवाब पेश करे।
भाजपा नेता ने बताया कि डीएमएफ फंड की शुरुआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार ने 2015 में की थी, ताकि खनन प्रभावित जिलों के विकास के लिए एक पारदर्शी व्यवस्था बन सके। इस कानून के तहत खनन कंपनियों से रॉयल्टी का 10 से 30 प्रतिशत हिस्सा प्रभावित क्षेत्रों के उत्थान पर खर्च किया जाना था।
उन्होंने आरोप लगाया कि झारखंड जैसे खनन प्रधान राज्य, जो देश के कुल खनिज उत्पादन का लगभग 40 प्रतिशत योगदान देता है, वहां इस फंड में भारी अनियमितताएं हुई हैं।
भाजपा नेता ने सत्तारूढ़ गठबंधन जेएमएम, कांग्रेस और आरजेडी को कटघरे में खड़ा करते हुए कहा कि तीनों पार्टियां ‘इंडिया गठबंधन’ की सदस्य हैं और बिहार विधानसभा चुनाव में भी एक साथ मैदान में हैं।
सिन्हा ने कहा कि हाईकोर्ट के ऑब्जर्वेशन के मुताबिक 80 प्रतिशत खर्च का बिल मौजूद है, लेकिन वास्तविक खरीदारी नहीं की गई।
आर्थिक मोर्चे पर बोलते हुए तुहिन सिन्हा ने कहा कि आईएमएफ ने हाल ही में भारत की जीडीपी अनुमानित वृद्धि दर 6.4 प्रतिशत से बढ़ाकर 6.66 प्रतिशत कर दी है।
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