बिहार एमएलसी चुनाव में भाजपा, राजद, जन सुराज और निर्दलीयों का दबदबा!

इन नतीजों से राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) और कांग्रेस के लिए राजनीतिक संदेश निकले हैं। खास तौर पर निर्दलीय प्रत्याशियों के प्रदर्शन ने चुनावी मुकाबले को दिलचस्प बना दिया है।

बिहार एमएलसी चुनाव में भाजपा, राजद, जन सुराज और निर्दलीयों का दबदबा!

BJP-RJD-Jan-Suraj-and-independents-dominate-the-Bihar-MLC-elections

बिहार विधान परिषद की शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों की चार सीटों के चुनाव परिणामों में अलग-अलग दलों और निर्दलीय प्रत्याशियों ने अपनी ताकत दिखाई है।

अब तक घोषित चार परिणामों में राजद, भाजपा, जन सुराज और निर्दलीय प्रत्याशियों ने एक-एक सीट पर जीत दर्ज की है। इन नतीजों से राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) और कांग्रेस के लिए राजनीतिक संदेश निकले हैं। खास तौर पर निर्दलीय प्रत्याशियों के प्रदर्शन ने चुनावी मुकाबले को दिलचस्प बना दिया है।

सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से निर्दलीय प्रत्याशी डॉ. राहुल राज ने एनडीए समर्थित जदयू उम्मीदवार आनंद पुष्कर को 1,815 मतों से हराकर जीत हासिल की। मतगणना के 14वें राउंड के बाद राहुल राज को 4,965, जबकि आनंद पुष्कर को 3,150 मत मिले। जीत के बाद राहुल राज ने वित्त रहित शिक्षकों को नियमित वेतन और सातवें वेतनमान का लाभ दिलाने सहित शिक्षकों की लंबित मांगों को प्रमुखता से उठाने का भरोसा दिया।

पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से राजद प्रत्याशी डॉ. संजीव कुमार की जीत की आधिकारिक घोषणा हुई। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने उन्हें बधाई दी। जीत के बाद संजीव कुमार ने निवर्तमान एमएलसी डॉ. नवल किशोर यादव पर शिक्षकों के हितों की अनदेखी करने का आरोप लगाया और शिक्षक समुदाय से किए गए वादे पूरे करने का आश्वासन दिया।

कोसी स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से भाजपा के वरिष्ठ नेता डॉ. एनके यादव ने लगातार तीसरी बार जीत दर्ज कर हैट्रिक लगाई। अंतिम परिणाम में उन्होंने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी को 11 हजार से अधिक मतों से पराजित किया।

प्रथम वरीयता की गणना में यादव को 24,528, राजद के नितेश कुमार को 18,918 और जन सुराज के रजनीश रंजन को 15,536 मत मिले। निर्धारित कोटा पूरा नहीं होने पर द्वितीय वरीयता के मतों की गणना की गई, जिसके बाद यादव विजयी घोषित हुए।

वहीं, तिरहुत स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में निर्दलीय प्रत्याशी और पूर्व एमएलसी वंशीधर बृजवासी ने मजबूत बढ़त बनाई। दसवें राउंड के बाद उन्हें 25,090 मत मिले, जबकि जदयू के अभिषेक झा को 19,771 और राजद की रश्मि विनायक गौतम को 14,674 मत प्राप्त हुए। बृजवासी 5,319 मतों से आगे चल रहे थे। जन सुराज के प्रत्याशी डॉ. विमोहन कुमार भी मुकाबले में पीछे रहे।

इन नतीजों ने बिहार की विधान परिषद की राजनीति में निर्दलीय प्रत्याशियों की भूमिका को रेखांकित किया है। शिक्षक और स्नातक मतदाताओं के बीच स्थानीय मुद्दे, वेतन, सेवा सुविधाएं और प्रतिनिधियों के कामकाज चुनावी नतीजों को प्रभावित करने वाले प्रमुख मुद्दे बनकर उभरे हैं।

यह भी पढ़ें-

पश्चिम रेलवे ने तीन जोड़ी अनारक्षित स्पेशल ट्रेनों के फेरे बढ़ाए!

लद्दाख देश का पहला 100% ऑर्गेनिक केंद्र शासित प्रदेश बना

Exit mobile version