प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा लाल किले की प्राचीर से यह कहे जाने के एक दिन बाद कि “दिमागी नक्सलवाद” अब भी देश के सामने एक चुनौती बना हुआ है, इस पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी. चिदंबरम ने कहा कि उन्हें “दिमागी नक्सली” कहलाने पर गर्व है।
सांसदों और पार्टी प्रवक्ताओं सहित भाजपा के कई नेताओं ने चिदंबरम के बयानों पर तीखी प्रतिक्रिया दी और उन पर नक्सलियों और उनके समर्थकों के लिए ‘ढाल’ बनने का आरोप लगाया। आईएएनएस से बात करते हुए भाजपा प्रवक्ता आरपी सिंह ने पी. चिदंबरम पर नक्सलियों के प्रति नरम रुख रखने का आरोप लगाया।
उन्होंने कहा, “वह खुद को ‘दिमागी नक्सल’ कह रहे हैं क्योंकि मुझे लगता है कि वह ऐसे लोगों को कवर देना चाहते हैं जो ‘दिमागी नक्सल’ और ‘अर्बन नक्सल’ हैं।”
वहीं, सैयद शाहनवाज हुसैन ने भी ऐसी ही बात कही कि कांग्रेस नेताओं का व्यवहार नक्सलियों से भी बुरा होता जा रहा है। नक्सलियों को तो जंगलों से खत्म किया जा सकता है, लेकिन पी. चिदंबरम खुद को ‘दिमागी नक्सल’ कह रहे हैं। देश के खिलाफ साजिश रच रहे हैं और देश के बारे में गलतफहमियां पैदा कर रहे हैं। कांग्रेस नेता देश का अपमान करने में कोई कसर नहीं छोड़ते।
उन्होंने कहा, “प्रधानमंत्री ने सीधे तौर पर कांग्रेसियों को ‘दिमागी नक्सल’ नहीं कहा था, लेकिन अगर कांग्रेस नेता खुद ही उस लेबल को स्वीकार कर रहे हैं, तो यह उनकी अपनी समस्या है।”
भाजपा के राज्यसभा सदस्य दिनेश शर्मा ने सवाल किया, “विपक्ष को नक्सलवाद से जुड़ी हिंसा और मानसिकता पर प्रधानमंत्री की चेतावनी की चिंता क्यों नहीं है?”
उन्होंने आईएएनएस से कहा, “विपक्ष ‘नक्सल’ शब्द को लेकर उलझ रहा है, लेकिन ऐसी मानसिकता से होने वाले नुकसान पर कभी बात नहीं करता।”



