मुंबई में जल परिवहन को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए महाराष्ट्र के बंदरगाह और मत्स्य विकास मंत्री नितेश राणे ने शुक्रवार (11 जुलाई) को बोरिवली रो-रो (Ro-Ro) जेट्टी परियोजना के पहले चरण की आधारशिला रखी। इस परियोजना के पूरा होने के बाद बोरिवली से गोराई के बीच की यात्रा, जो अभी सड़क मार्ग से लगभग डेढ़ घंटे लगती है, महज 15 मिनट में जलमार्ग के जरिये पूरी की जा सकेगी।
मंत्री नितेश राणे ने कहा कि यह परियोजना मुंबई महानगर क्षेत्र (MMR) में वाटर मेट्रो जैसी सुविधा देने की दिशा में एक ठोस प्रयास है। उन्होंने भरोसा जताया कि जेट्टी का निर्माण तय समय सीमा में और उच्च गुणवत्ता के साथ पूरा किया जाएगा और रो-रो सेवा जल्द ही आम नागरिकों के लिए शुरू की जाएगी।
इस अवसर पर पूर्व सांसद गोपाल शेट्टी, स्थानिक विधायक संजय उपाध्याय, भाजपा जिलाध्यक्ष बाला तावडे, बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक और मछुआरा समुदाय के प्रतिनिधि उपस्थित थे। कार्यक्रम में सभी ने इस प्रोजेक्ट के जल्द शुरू होने पर प्रसन्नता जताई और कहा कि यह मुंबईवासियों के लिए एक क्रांतिकारी परिवर्तन लेकर आएगा।
बोरिवली रो-रो जेट्टी प्रोजेक्ट को केंद्र सरकार और राज्य सरकार दोनों की मंजूरी मिल चुकी है। यह परियोजना केंद्र सरकार की ‘सागरमाला’ योजना के तहत क्रियान्वित की जा रही है, जिसका उद्देश्य बंदरगाह आधारित विकास के माध्यम से आर्थिक प्रगति को गति देना है।
कार्यक्रम के दौरान नितेश राणे ने कहा, “जिस तरह से मुंबई में मेट्रो लाइन बिछाई जा रही है, उसी तरह मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की सोच है कि मुंबई महानगर क्षेत्र में एक जल मेट्रो भी हो। महायुति सरकार इस दिशा में काम कर रही है और मुंबई के समग्र विकास के लिए प्रतिबद्ध है।”
रो-रो सेवा से पर्यटन को भी बड़ा बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। खासकर गोराई, एसेलवर्ल्ड, ग्लोबल विपस्सना पगोडा जैसे पर्यटन स्थलों तक जल मार्ग से आसान पहुंच बनने से बड़ी संख्या में पर्यटक इन जगहों पर कम समय में और आरामदायक तरीके से पहुंच सकेंगे। परियोजना के पूरा होते ही यह मुंबई के ट्रैफिक जाम से जूझ रहे नागरिकों के लिए एक राहतभरी सौगात साबित हो सकती है।
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