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Sunday, June 7, 2026
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टीसीएस धर्मांतरण और ‘कॉरपोरेट जिहाद’ केस पर कार्रवाई मांग, राजनीति गरमाई!

उन्होंने दावा किया कि “कॉरपोरेट जिहाद” मामले में एक नगर निगम पार्षद ने निदा खान को अपने पास रखकर उसे छिपाने की कोशिश की।

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नासिक टीसीएस में कॉरपोरेट जिहाद मामले में मुख्य आरोपी बताई जा रही निदा खान की गिरफ्तारी के बाद महाराष्ट्र की राजनीति में बयानबाजी तेज हो गई है। शिवसेना, भाजपा और शिवसेना (यूबीटी) के नेताओं ने मामले को गंभीर बताते हुए इसकी व्यापक जांच और सख्त कार्रवाई की मांग की है।

शिवसेना प्रवक्ता राजू वाघमारे ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत के दौरान एआईएमआईएम पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि पार्टी देश में नफरत फैलाने का काम कर रही है। उन्होंने दावा किया कि “कॉरपोरेट जिहाद” मामले में एक नगर निगम पार्षद ने निदा खान को अपने पास रखकर उसे छिपाने की कोशिश की।

वाघमारे ने कहा कि ऐसे लोगों को भी आरोपी बनाया जाना चाहिए, क्योंकि किसी गुनहगार को पनाह देना और उसे छिपाना कानून तथा संविधान के खिलाफ है। उन्होंने यह भी कहा कि जो भी इस मामले का मास्टरमाइंड है, उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई होनी चाहिए, चाहे वह कोई राजनीतिक नेता ही क्यों न हो जो पर्दे के पीछे से इसमें शामिल हो।

भाजपा विधायक संजय उपाध्याय ने भी मामले को “कॉरपोरेट जिहाद” से जोड़ते हुए कहा कि निदा खान इस पूरे घटनाक्रम की मुख्य सूत्रधार हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि घटना सामने आने के बाद से वह फरार थीं और एआईएमआईएम के एक पार्षद ने उन्हें छिपाने में मदद की।

उपाध्याय ने कहा कि यह स्पष्ट संकेत है कि इस पूरे प्रकरण के पीछे केवल एक व्यक्ति नहीं, बल्कि बड़ी शक्तियां काम कर रही हैं। उन्होंने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मांग की कि मामले के पर्दे के पीछे मौजूद किरदारों को भी सामने लाया जाए और उनके खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई की जाए।

वहीं, शिवसेना (यूबीटी) के प्रवक्ता आनंद दुबे ने भी टीसीएम धर्मांतरण मामले और निदा खान प्रकरण पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि देश के खिलाफ काम करने वाले किसी भी व्यक्ति की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।

आनंद दुबे ने कहा कि भारत हिंदू बहुसंख्यकों का देश है, जहां सभी धर्मों को साथ लेकर चलने की परंपरा रही है और इसका उदाहरण देश में लगातार देखने को मिलता है।

उन्होंने आगे कहा कि यदि कोई विदेशी ताकत या देश विरोधी तत्व भारत को अंदर से कमजोर करने की कोशिश कर रहे हैं, तो उनकी गहन जांच की जानी चाहिए और दोषियों को कानून के तहत कड़ी सजा मिलनी चाहिए। दुबे ने कहा कि ऐसी कार्रवाई इतनी सख्त होनी चाहिए कि वह भविष्य के लिए एक उदाहरण बने और इस प्रकार की आपराधिक गतिविधियों पर रोक लग सके।

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