पहलगाम हमले के बाद नागरिक उड्डयन मंत्री ने श्रीनगर से चार अतिरिक्त उड़ानों का किया ऐलान

मारे गए नागरिकों के शवों को उनके गृह राज्यों तक ले जाने में राज्य सरकारों और स्थानीय प्रशासन के साथ मिलकर पूरा सहयोग

पहलगाम हमले के बाद नागरिक उड्डयन मंत्री ने श्रीनगर से चार अतिरिक्त उड़ानों का किया ऐलान

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जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए क्रूर इस्लामी जिहादी हमले के बाद केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू ने हालात की गंभीरता को समझते हुए प्रभावित पर्यटकों की सुरक्षा और उन्हें राहत पहुंचाने के लिए तेजी से मोर्चा संभाला है।

मंत्री ने व्यक्तिगत रूप से केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से बात की और संबंधित एजेंसियों के साथ मिलकर 24 घंटे स्थिति की निगरानी शुरू कर दी है। सबसे पहले फंसे पर्यटकों को सुरक्षित उनके घर पहुंचाने की दिशा में कदम उठाए। श्रीनगर से चार विशेष उड़ानों — दो दिल्ली और दो मुंबई के लिए — की व्यवस्था की गई है, जबकि अन्य उड़ानें भी स्टैंडबाय पर रखी गई हैं ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई हो सके।

साथ ही राम मोहन नायडू ने एयरलाइन ऑपरेटरों को सख्त हिदायत दी कि वे सर्ज प्राइसिंग से दूर रहें। यानी, इस कठिन घड़ी में कोई भी एयरलाइन यात्रियों से अत्यधिक किराया नहीं वसूल सकेगी। एयरलाइनों को नियमित दरें बनाए रखने का निर्देश दिया गया है, जिससे यह सुनिश्चित हो सके कि पीड़ितों पर कोई अतिरिक्त बोझ न पड़े।

राम मोहन नायडू ने महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री से भी बात की और प्रभावित पर्यटकों की सुरक्षित वापसी को लेकर पूरा सहयोग सुनिश्चित किया। इसके साथ ही, आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री नारा चंद्रबाबू नायडू को भी स्थिति से अवगत कराया गया। उनके निर्देश पर दिल्ली स्थित आंध्र भवन में एक विशेष सहायता डेस्क स्थापित की गई है, जो विशेष रूप से कश्मीर में फंसे तेलुगु भाषी नागरिकों की मदद के लिए काम कर रही है।

जो भी पर्यटक या उनके परिवार सहायता की तलाश में हैं, वे 9818395787 या 01123387089 पर संपर्क कर सकते हैं। ये हेल्पलाइन नंबर विशेष रूप से आपात स्थिति के लिए सक्रिय किए गए हैं।

मंत्री ने एयरलाइनों को यह भी निर्देश दिया है कि वे मारे गए नागरिकों के शवों को उनके गृह राज्यों तक ले जाने में राज्य सरकारों और स्थानीय प्रशासन के साथ मिलकर पूरा सहयोग करें। यह एक मानवीय कर्तव्य है जिसे मंत्रालय ने अपनी प्राथमिकता में रखा है।

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