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Friday, April 17, 2026
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सीएम स्टालिन ने जलाई परिसीमन प्रस्ताव की प्रति, काला झंडा लगाकर किया विरोध

मुख्यमंत्री के आह्वान के बाद पूरे राज्य में विरोध प्रदर्शन देखने को मिला। चेन्नई में उनके आवास के बाहर भी काला झंडा फहराया गया।

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तमिलनाडु में परिसीमन के मुद्दे को लेकर डीएमके प्रमुख और राज्य के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने गुरुवार को विरोध जताते हुए काला झंडा फहराया और परिसीमन से जुड़े प्रस्ताव की प्रति को जलाकर अपना कड़ा विरोध दर्ज कराया।

इस दौरान सीएम स्टालिन ने नारा दिया, ‘तमिलनाडु लड़ेगा, तमिलनाडु जीतेगा।’

मुख्यमंत्री के आह्वान के बाद पूरे राज्य में विरोध प्रदर्शन देखने को मिला। चेन्नई में उनके आवास के बाहर भी काला झंडा फहराया गया। मुख्यमंत्री द्वारा ‘निर्वाचन क्षेत्र परिसीमन विधेयक’ की प्रतियां जलाए जाने के बाद, डीएमके सुबह 11:00 बजे विधेयक की प्रतियां जलाकर पूरे राज्य में निगम, शहर, कस्बा, संघ, वार्ड और बूथ स्तर पर विरोध प्रदर्शन करेगी।

डीएमके ने जनता से यह अपील भी की है कि वे केंद्र सरकार के इस विधेयक की निंदा करते हुए, गुरुवार से शुरू होने वाले अगले तीन दिनों तक अपने सभी घरों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर काले झंडे फहराएं।

दरअसल, सीएम स्टालिन ने एक दिन पहले बुधवार को वीडियो संदेश जारी कर तमिलनाडु के लोगों से अपील की थी कि वे गुरुवार को अपने घरों और सार्वजनिक स्थानों पर काले झंडे लगाकर इस प्रस्ताव के खिलाफ विरोध दर्ज कराएं।

अपने वीडियो संदेश में मुख्यमंत्री स्टालिन ने परिसीमन के प्रस्ताव को तमिलनाडु के लिए गंभीर खतरा बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि यह प्रक्रिया दक्षिणी राज्यों के साथ विश्वासघात है और इससे उत्तरी राज्यों की राजनीतिक ताकत और मजबूत होगी।

उन्होंने कहा, “तमिलनाडु चुप नहीं बैठेगा। हर परिवार सड़कों पर उतरकर विरोध करेगा। मैंने पहले भी अपने वीडियो में यह बात कही थी।” सीएम स्टालिन ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि अच्छे सुझावों को नजरअंदाज किया जा रहा है और इस संशोधन के जरिए तमिलनाडु की आवाज को दबाने की कोशिश हो रही है।

मुख्यमंत्री स्टालिन ने यह भी आरोप लगाया कि केंद्र सरकार दावा कर रही है कि तमिलनाडु और अन्य दक्षिणी राज्यों में सीटों की संख्या बढ़ाई जाएगी लेकिन हकीकत में सीटों का निर्धारण उत्तरी राज्यों की जरूरतों के अनुसार किया जा रहा है। वहीं, दक्षिणी राज्यों की आवश्यकताओं को नजरअंदाज किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने सवाल उठाया था, “क्या जनसंख्या नियंत्रण के लिए उठाए गए कदमों की हमें सजा दी जा रही है? अगर हम देश के विकास के लिए खड़े होते हैं, तो क्या हमारी राजनीतिक ताकत छीन ली जाएगी?”

वीडियो संदेश में उन्होंने आगे कहा था कि इस प्रक्रिया के जरिए तमिलनाडु और दक्षिणी राज्यों के लोगों को ‘दूसरे दर्जे का नागरिक’ बनाने की कोशिश की जा रही है।

सीएम स्टालिन ने लोगों से एकजुट होकर इस प्रस्तावित कानून का विरोध करने की अपील की थी और इसे ‘काला कानून’ बताया था। वीडियो संदेश में उन्होंने कहा था कि अब समय आ गया है कि तमिलनाडु के लोग दिल्ली में भाजपा को अपनी ताकत दिखाएं।

मुख्यमंत्री ने चेतावनी दी थी कि परिसीमन केवल जनसंख्या के आधार पर नहीं किया जाना चाहिए और इस कानून को लागू नहीं होने दिया जाएगा।

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