पिछले साल 27 सितंबर को तमिलनाडु विधानसभा चुनाव से पहले करूर में टीवीके की चुनावी रैली के दौरान भगदड़ में 41 लोगों की मौत हुई थी। इस त्रासदी की जांच फिलहाल केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) कर रहा है।
इस घटना के बाद तमिलनाडु सरकार ने प्रत्येक पीड़ित परिवार को 10 लाख रुपए की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की, जबकि टीवीके ने 20 लाख रुपए की अतिरिक्त आर्थिक सहायता दी।
सरकार के पुनर्वास प्रयासों के तहत मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय करूर पहुंचे। एटलस एरिना में आयोजित एक समारोह के दौरान मुख्यमंत्री ने प्रभावित 32 परिवारों के एक सदस्य को नियुक्ति पत्र सौंपे। लाभार्थियों को उनकी शैक्षणिक योग्यता के आधार पर नौकरी दी गई।
यह कार्यक्रम उस समय हुआ, जब मद्रास उच्च न्यायालय की मदुरै पीठ में इस मामले की सुनवाई चल रही थी। अदालत में पीड़ित परिवारों को स्थायी सरकारी नौकरी देने के सरकार के फैसले को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई की गई।
अदालत ने निर्देश दिया कि लाभार्थियों को फिलहाल अस्थायी नियुक्तियां दी जा सकती हैं।
सभा को संबोधित करते हुए भावुक विजय ने कहा कि करूर त्रासदी का दर्द आज भी उनके दिल में मौजूद है। उन्होंने कहा, “करूर के मेरे सभी भाइयों और बहनों को मेरा नमन, जो मेरे दिल में बसे हुए हैं। जीवन में कोई व्यक्ति चाहे कितनी भी ऊंचाई हासिल कर ले, लेकिन दिल के घाव और दर्द को कभी भुलाया नहीं जा सकता। कई मुश्किलों और भावनात्मक पीड़ाओं से गुजरने के बाद मैं आज आपके सामने खड़ा हूं।”
मुख्यमंत्री ने कहा, “करूर त्रासदी ने मुझे गहरी मानसिक पीड़ा दी है। मैंने करूर में अपने भाइयों, बहनों और मासूम बच्चों को खोया है। यह घटना मेरे दिल में एक गहरे घाव की तरह है। इस त्रासदी की पूरी जिम्मेदारी मुझ पर डाल दी गई, लेकिन मैं जनता की सेवा के उद्देश्य से राजनीति में आया हूं। मैं ऐसी घटनाओं को हमेशा के लिए रोकने के लिए पूरी तरह संकल्पित हूं।”
विपक्ष पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री विजय ने आरोप लगाया कि जब “पार्टी फंड” का मुद्दा उठाया गया तो विपक्षी सदस्य विधानसभा से बाहर चले गए। उन्होंने दावा किया कि पहले सरकारी विभागों में करोड़ों रुपए का भ्रष्टाचार होता था, हालांकि उन्होंने कहा कि अब लोगों का मानना है कि उनकी सरकार के कार्यकाल में सरकारी कार्यालयों में रिश्वतखोरी और भ्रष्टाचार में काफी कमी आई है।
मुख्यमंत्री ने अपने चुनावी वादों को पूरा करने के लिए अपनी सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री सी.एन. अन्नादुरई (अरिग्नार अन्ना) की जयंती पर नवजात शिशुओं को सोने की अंगूठी देने की योजना को वादे के अनुसार लागू किया जाएगा।
कार्यक्रम का समापन लाभार्थियों को नियुक्ति पत्र सौंपने के साथ हुआ। सरकार ने कहा कि इस पहल का उद्देश्य राज्य की हाल की सबसे बड़ी सार्वजनिक त्रासदियों में से एक से प्रभावित परिवारों को लंबे समय तक आर्थिक सुरक्षा प्रदान करना है।
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