सीएम योगी ने लखनऊ में 200 करोड़ रुपए से अधिक की लागत से बने उत्तर प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (यूपीएसडीएमए) के नए मुख्यालय भवन का लोकार्पण करते हुए यह बात कही।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले परिवारों और स्कूलों में बच्चों को आग लगने, भूकंप आने या अन्य आपदाओं के समय बरती जाने वाली सावधानियों के बारे में जानकारी दी जाती थी। ऐसी जागरूकता से लोग घबराने के बजाय सही निर्णय लेते हैं और नुकसान को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
उन्होंने हाल ही में प्रदेश में खराब मौसम के दौरान हुई जनहानि का उल्लेख करते हुए कहा कि एक ही दिन में फतेहपुर, प्रयागराज, कौशांबी, मिर्जापुर, भदोही, जौनपुर, आजमगढ़, सुल्तानपुर और अंबेडकर नगर समेत कई जिलों में 111 लोगों की मौत हुई थी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इसके बाद राज्य सरकार ने अर्ली वार्निंग सिस्टम को और मजबूत बनाने के लिए त्वरित कदम उठाए, जिससे भविष्य में ऐसी घटनाओं में जनहानि को कम किया जा सके।
सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश देश का पहला राज्य है, जिसने मानव-वन्यजीव संघर्ष को भी आपदा की श्रेणी में शामिल करते हुए प्रभावित लोगों को राहत और सहायता उपलब्ध कराने की व्यवस्था की है। यह राज्य सरकार की व्यापक और संवेदनशील आपदा प्रबंधन नीति का हिस्सा है।
उन्होंने विश्वास जताया कि अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस यूपीएसडीएमए का नया मुख्यालय प्रदेश में आपदा प्रबंधन की क्षमता को और मजबूत करेगा तथा किसी भी प्राकृतिक या मानवीय आपदा की स्थिति में त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
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