कांग्रेस ने DMK को छोड़ा, TVK को दिया समर्थन; DMK ने कहा ‘पीठ में छुरा घोंपने वाली पार्टी’

तमिलनाडु में तेजी से बदले सियासी समीकरण

कांग्रेस ने DMK को छोड़ा, TVK को दिया समर्थन; DMK ने कहा ‘पीठ में छुरा घोंपने वाली पार्टी’

Congress abandons DMK, supports TVK; DMK calls it a 'backstabber'

तमिलनाडु की राजनीति में चुनाव परिणामों के बाद तेजी से नए समीकरण बनते नजर आ रहे हैं। अभिनेता-राजनेता विजय की पार्टी तमिलगा वेत्री कड़गम (TVK) को कांग्रेस द्वारा समर्थन दिए जाने की खबरों के बीच द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (DMK) ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है। DMK ने कांग्रेस को “पीठ में छुरा घोंपने वाली पार्टी” करार देते हुए नाराजगी जाहिर की है।

सूत्रों के मुताबिक, कांग्रेस ने मंगलवार (5 मई) रात एक वर्चुअल बैठक में प्रस्ताव पारित कर TVK को सशर्त समर्थन देने का निर्णय लिया। पार्टी ने इसके बदले कैबिनेट में हिस्सेदारी और कुछ बोर्डों के चेयरमैन पदों की मांग रखी है। इस संबंध में औपचारिक घोषणा गुरुवार (7 मई)तक होने की संभावना है, जिसके बाद कांग्रेस विधायक विजय से पनैयूर में मुलाकात कर सकते हैं।

DMK के प्रवक्ता सरवनन अन्नादुरई ने कांग्रेस के इस कदम की आलोचना करते हुए कहा कि पार्टी को मिली पांच विधानसभा सीटें केवल निवर्तमान मुख्यमंत्री एमके स्टालिन के समर्थन की वजह से संभव हुई थीं। उन्होंने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर ‘backstabbers’ लिखते हुए कांग्रेस पर निशाना साधा। अन्नादुरई ने यह भी याद दिलाया कि जब भाजपा और आरएसएस राहुल गांधी को ‘पप्पू’ कहकर निशाना बना रहे थे, तब स्टालिन ने ही उन्हें प्रधानमंत्री पद का चेहरा बताया था।

कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने एक पोस्ट में इस फैसले को राज्य इकाई पर छोड़ दिया। इसके तुरंत बाद तमिलनाडु कांग्रेस ने TVK के साथ जाने का फैसला कर लिया। TVK ने भी पुष्टि की है कि कांग्रेस के साथ उसका गठबंधन तय हो चुका है। सूत्रों के अनुसार, कांग्रेस सांसद कार्ति चिदंबरम इस बातचीत में समन्वय कर रहे हैं।

234 सदस्यीय विधानसभा में TVK 108 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है, हालांकि बहुमत से वह 11 सीटें दूर है। पार्टी ने भाजपा के साथ गठबंधन से इनकार करते हुए वैचारिक मतभेदों का हवाला दिया है और DMK को अपना मुख्य प्रतिद्वंद्वी बताया है।

इस बीच, विजय ने DMK के नेतृत्व वाले पूर्व गठबंधन के अन्य दल, जैसे VCK, CPI, CPI(M) और IUML से भी समर्थन के लिए संपर्क किया है। इन सभी दलों को दो-दो सीटें मिली हैं। इस घटनाक्रम के साथ ही कांग्रेस और DMK के बीच पहले से मौजूद तनाव अब खुलकर सामने आ गया है। चुनाव से पहले ही सीट बंटवारे और सत्ता में हिस्सेदारी को लेकर दोनों दलों के बीच मतभेद थे, जो अब कांग्रेस के इस नए कदम के साथ और गहरा गए हैं।

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