कोलकाता के राज्य सचिवालय नबन्ना में असामान्य स्थिति देखने मिली। विधानसभा चुनावों में भारतीय जनता पार्टी के भारी बहुमत से जीत के बाद कार्य के दौरान कई सरकारी कर्मचारी अचानक इकट्ठा होकर ‘जय श्री राम’ और ‘भारत माता की जय’ के नारे लगाने लगे। कर्मचारियों ने दावा किया कि वे “खुशी” में एकत्र हुए हैं और अब वे “डर से आज़ाद” महसूस कर रहे हैं।
जानकारी के अनुसार, विभिन्न विभागों के कर्मचारी अपने-अपने फ्लोर की बालकनियों के पास जमा हुए और सामूहिक रूप से नारेबाजी की। कुछ कर्मचारियों को ‘भगवा’ कपड़ा लहराते हुए भी देखा गया, जिसे राजनीतिक समर्थन के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है। इस घटनाक्रम ने राज्य के प्रशासनिक हलकों में हलचल पैदा कर दी है।
एक सरकारी कर्मचारी ने नाम न बताने की शर्त पर कहा, “हम लोग उम्मीद करते हैं कि नई सरकार सरकारी कर्मचारियों के लिए कुछ अच्छा करेगी।” कर्मचारियों के इस बयान से यह संकेत मिलता है कि संभावित सत्ता परिवर्तन को लेकर सरकारी तंत्र के भीतर भी उम्मीदें और बदलाव की भावना मौजूद है।
Yesterday you saw police personnel in Bengal dancing; today, look at the government employees.
Government employees in West Bengal were also troubled by Mamata Banerjee and the TMC government. This video is from the West Bengal Secretariat, Nabanna, where slogans of “Jai Shri… pic.twitter.com/5EeEYfs4t5— Emon Mukherjee (@EmonMukherjee21) May 5, 2026
दूसरी ओर, इसी दौरान ‘संघर्षी संयुक्त मंच’ के बैनर तले कुछ सरकारी कर्मचारी स्वास्थ्य भवन (स्वास्थ्य विभाग के मुख्यालय) के बाहर विरोध प्रदर्शन करते नजर आए। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि पूर्ववर्ती तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) सरकार के दौरान कोविड-19 महामारी के समय हुए भ्रष्टाचार से जुड़े दस्तावेजों को हटाया जा रहा है। उनका दावा है कि यह कार्रवाई स्वास्थ्य सचिव के नेतृत्व में हो रही है, हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
इसी बीच, लोक निर्माण विभाग (PWD) की एक टीम ने पूर्व राज्य सचिवालय राइटर्स बिल्डिंग का दौरा किया। सूत्रों के अनुसार, इस ऐतिहासिक इमारत को संभावित रूप से नए सचिवालय के रूप में तैयार करने की योजना है। टीम ने उन कमरों का निरीक्षण किया, जहां मुख्यमंत्री और अन्य मंत्री बैठ सकते हैं, ताकि उसी के अनुसार मरम्मत और नवीनीकरण का काम किया जा सके।
भाजपा का कहना है कि सत्ता में आने की स्थिति में प्रशासनिक ढांचे में कुछ बदलाव किए जा सकते हैं, जिसमें सचिवालय के स्थान और संरचना को लेकर भी निर्णय शामिल हो सकते हैं। हालांकि, इस पर आधिकारिक घोषणा का इंतजार है। नबन्ना के अंदर कर्मचारियों की नारेबाजी और बाहर विरोध प्रदर्शन, दोनों घटनाएं इस समय राज्य की राजनीतिक और प्रशासनिक परिस्थितियों में तेजी से हो रहे बदलावों को दर्शाती हैं।
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