अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने घोषणा की है कि अपने राजनयिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पाकिस्तान के पेशावर स्थित अपने वाणिज्य दूतावास को चरणबद्ध तरीके से बंद किया जाएगा। मंत्रालय के अनुसार, दूतावास के बंद होने के बावजूद खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के अधिकारियों के साथ संपर्क जारी रहेगा।
विदेश मंत्रालय ने बताया कि दूतावास बंद होने के बाद इस्लामाबाद स्थित अमेरिकी दूतावास खैबर पख्तूनख्वा क्षेत्र में राजनयिक संबंधों की जिम्मेदारी संभालेगा। मंत्रालय ने एक बयान में कहा, “पेशावर स्थित अमेरिकी वाणिज्य दूतावास को चरणबद्ध तरीके से बंद किया जाएगा और खैबर पख्तूनख्वा के साथ राजनयिक संबंधों की जिम्मेदारी इस्लामाबाद स्थित अमेरिकी दूतावास को सौंपी जाएगी।” यह निर्णय हमारे राजनयिक कर्मियों की सुरक्षा और संसाधनों के प्रभावी प्रबंधन के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
विदेश मंत्रालय के अनुसार, पेशावर में प्रत्यक्ष उपस्थिति में बदलाव के बावजूद पाकिस्तान में अमेरिका की रणनीतिक प्राथमिकताएं अपरिवर्तित रहेंगी। मंत्रालय ने कहा कि दूतावास बंद होने के बाद भी आर्थिक संबंध मजबूत करने, क्षेत्रीय सुरक्षा को बढ़ावा देने और अमेरिकी नागरिकों के हितों को आगे बढ़ाने के लिए खैबर पख्तूनख्वा के अधिकारियों के साथ संवाद जारी रहेगा। इस दिशा में इस्लामाबाद, कराची और लाहौर स्थित अमेरिकी राजनयिक मिशनों के माध्यम से अमेरिका-पाकिस्तान संबंधों को आगे बढ़ाया जाएगा।
यह फैसला ऐसे समय में आया है जब अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम करने के प्रयासों में पाकिस्तान की संभावित मध्यस्थता की चर्चा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिया है कि ईरान के साथ संभावित समझौते की संभावना को देखते हुए होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की आवाजाही पर लगाए गए ‘प्रोजेक्ट फ्रीडम’ के प्रतिबंधों को अस्थायी रूप से रोका जा सकता है। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि अमेरिकी नौसेना की नाकेबंदी जारी रहेगी और यह निर्णय पाकिस्तान व अन्य देशों के अनुरोध पर लिया गया है।
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