विश्वास सारंग ने कहा कि यदि शशि थरूर सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल में विदेश गए और भारत के पक्ष में अपनी बात कही, तो इससे गांधी परिवार को दिक्कत हो रही है। गांधी परिवार तो चाहता ही है कि इस देश में पाकिस्तान की बात हो। इस परिवार ने केवल इस देश को तोड़ने का काम किया है।
उन्होंने कहा कि हमने खुद देखा है कि जब चुनाव में नामांकन पत्र दाखिल हो रहे थे, तो खड़गे जी बाहर बैठे हुए थे और राहुल गांधी, प्रियंका गांधी कुर्सी पर बैठे हुए थे। मल्लिकार्जुन खड़गे कांग्रेस की गुलामी करने की मानसिकता की वजह से आज वहां हैं। कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व की तरफ से उनके साथ लगातार भेदभाव किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि शशि थरूर एक सांसद होने के नाते सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल में शामिल हुए और विदेश भी गए। कांग्रेस को उनकी तारीफ करनी चाहिए। लेकिन, यह अफसोस की बात है कि गांधी परिवार को उनका विदेश जाना रास नहीं आ रहा है।
विश्वास सारंग ने आतंकवाद को लेकर भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि आतंकवाद को लेकर केंद्र सरकार का रुख बिल्कुल स्पष्ट है। हम आतंकवाद के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेंगे। हम आतंकवाद को किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं कर सकते हैं।
उन्होंने कहा कि जब से नरेंद्र मोदी इस देश के प्रधानमंत्री बने हैं। तब से भारत सरकार आतंकवाद को लेकर जीरो टॉलरेंस पर काम कर रहे हैं। आतंकवाद को जड़ से खत्म करने के लिए केंद्र सरकार ने संकल्प लिया है।
इसके अलावा, उन्होंने लव जिहाद को लेकर भी सरकार का रुख स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश की धरती पर लव जिहाद को स्वीकार नहीं किया जा सकता। इन्हीं लव जिहाद के मामलों पर अंकुश लगाने के लिए राज्य सरकार की तरफ से धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम, 2021 बनाया गया है। विगत दिनों इस तरह की घटनाएं नहीं हों, इसी को लेकर पुलिस प्रशासन की तरफ से दिशा-निर्देश भी जारी किए गए थे।
उन्होंने कहा कि कोई हमारी बहन बेटियों को बहला फुसलाकर उसका धर्म परिवर्तन कराएगा, तो हम उसे किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं कर सकते हैं।
भारत ने एससीओ साझा बयान में आतंकवाद पर चिंता की रखी मांग: विदेश मंत्रालय!



