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Monday, February 9, 2026
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‘कांग्रेस में दिग्विजय सिंह और कमलनाथ को घर बैठाने की तैयारी’

विश्वास सारंग का तंज

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मध्य प्रदेश की राजनीति में कांग्रेस के भीतर चल रही उठापटक को लेकर भाजपा नेता और राज्य के युवक खेल कल्याण मंत्री विश्वास सारंग ने शुक्रवार को तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की अंदरूनी स्थिति इस कदर बिगड़ चुकी है कि अब पार्टी के वरिष्ठ नेताओं — दिग्विजय सिंह और कमलनाथ — को घर बैठाने की तैयारी हो रही है।

यह बयान उस वक्त आया जब प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने हाल ही में हार के लिए कांग्रेस के बड़े नेताओं को जिम्मेदार ठहराया था। सारंग ने पटवारी के इस बयान को लेकर कहा, “कांग्रेस में अब वरिष्ठ नेताओं की छुट्टी की जा रही है। पार्टी कार्यकर्ताओं की कहीं कोई पूछ नहीं है, न पहले थी, न अब है।”

कांग्रेस नेतृत्व पर हमला तेज करते हुए मंत्री सारंग ने कहा, “कांग्रेस गांधी-नेहरू परिवार की निजी पार्टी बन चुकी है। जब से नेहरू परिवार ने कांग्रेस की कमान संभाली है, तभी से यही ढर्रा चला आ रहा है — जो नेहरू परिवार की चमचागिरी करेगा, वही आगे बढ़ेगा।” उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि जीतू पटवारी को खुद साबित करना होगा कि वह भी कुछ कर सकते हैं। उन्होंने कहा, “गंगा की सफाई तभी होगी जब गंगोत्री से सफाई शुरू हो। कांग्रेस में भी सुधार तभी संभव है जब सफाई दिल्ली से की जाए।”

राहुल गांधी के भोपाल दौरे को लेकर भी विश्वास सारंग ने कटाक्ष किया। उन्होंने कहा, “राहुल गांधी संगठन सृजन के लिए आए थे, लेकिन कांग्रेस में तो गुंडों का सृजन हो रहा है। जहां-जहां कांग्रेस की बैठकें हो रही हैं, वहां मारपीट की घटनाएं सामने आ रही हैं।”

गौरतलब है कि हाल ही में हरदा में आयोजित एक कार्यक्रम में कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने इशारों-इशारों में पार्टी के दिग्गज नेताओं पर निशाना साधा था। उन्होंने कहा था, “जब नेता पार्टी से बड़े हो गए, तब से पार्टी हारने लगी।” इस बयान को कांग्रेस के पुराने नेतृत्व पर सीधा हमला माना जा रहा है।

सारंग ने इन आंतरिक झगड़ों को लेकर तंज कसते हुए कहा कि कांग्रेस गुटों और गिरोहों में बंटी हुई पार्टी बन चुकी है और अब उनसे किसी भी संगठनात्मक सुधार की उम्मीद करना बेमानी है। उन्होंने सलाह दी कि कांग्रेस को अपनी बैठकें कार्यालय में ही करनी चाहिए, जिससे क्षेत्रीय तनाव न फैले।

राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, कांग्रेस की हार के बाद अब पार्टी के भीतर ही आत्मचिंतन के नाम पर नई खींचतान शुरू हो चुकी है, और भाजपा इसके हर पहलू पर पैनी नजर रखे हुए है।

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