केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत रविवार को एक दिवसीय दौरे पर सीकर पहुंचे। इस दौरान उन्होंने विपक्ष के कथित वोट चोरी के आरोप पर पलटवार किया। उन्होंने दोषारोपण की बजाय आत्मावलोकन करने की सलाह दी।
केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने सीकर में मीडिया से बात करते हुए लोकसभा के नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के चुनाव आयोग पर कथित तौर पर वोट चोरी के आरोप पर पलटवार किया। उन्होंने कहा, “कांग्रेस पार्टी में ऑर्गेनाइजेशन सेटअप नहीं बचा है। सूची का जब प्रकाशन होता है, तब जागरूक नागरिक होने के चलते क्या हमारी जिम्मेदारी नहीं है कि हम वोटर लिस्ट में हमारा नाम है या नहीं, यह जांच करें?”
उन्होंने कहा, “क्या किसी एक राजनीतिक पार्टी के कार्यकर्ता की जिम्मेदारी नहीं है कि वोटर लिस्ट को चेक करें और उसमें किसी का नाम छूटा है या नहीं? ऐसे बहुत से अवसर मिलते हैं; हर वोटर लिस्ट का प्रकाशन होने पर इस तरह का अवसर मिलता है। इसके बाद भी वोटर लिस्ट के शुद्धिकरण के लिए सतत प्रक्रिया चलती है।”
शेखावत ने कहा, “आरोप लगाने की बजाय राहुल गांधी, जिनकी पार्टी देश की सबसे पुरानी पार्टी है, जिसने 55 साल तक देश में शासन किया, उस पार्टी को धरातल पर काम करने वाले अपने कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षित करने की आवश्यकता है। दोषारोपण की बजाय आत्मावलोकन करने की आवश्यकता है कि उनके यहां कहां कमी रह गई।”
उन्होंने कहा, “उनके (कांग्रेस) यहां वोटर लिस्टों की चेकिंग ठीक से नहीं हो सकी। राहुल गांधी को इलेक्शन कमीशन और भारतीय जनता पार्टी पर इस तरह का मिथ्या दोषारोपण करने की बजाय अपनी पार्टी में नीचे धरातल पर कार्यकर्ताओं और ऑर्गेनाइजेशन सेटअप जो उनके यहां दुर्भाग्य से बचा नहीं है, उसे इकट्ठा करके वापस वोटर लिस्ट ठीक करने का काम करना चाहिए।”
यह भी पढ़ें-
‘वोटर अधिकार यात्रा’ वोट नहीं संविधान बचाने की लड़ाई : राहुल गांधी!



