पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी के “गजनवी और लोदी विदेशी नहीं, भारतीय लुटेरे थे” वाले बयान पर विश्व हिंदू परिषद की नेता साध्वी प्राची ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि हामिद अंसारी को हिंदुस्तान से डर लगने लगा है। ऐसे बयान देकर वो सिर्फ देश को तोड़ने की कोशिश कर रहे हैं।
साध्वी प्राची ने कहा कि हामिद अंसारी जब तक उपराष्ट्रपति के पद पर थे, तब तक खुद को हिंदुस्तानी मानते रहे, लेकिन जैसे ही पद से हटे, उन्हें हिंदुस्तान से डर लगने लगा। उन्होंने कहा कि अब जो बयान दिए जा रहे हैं, वे देश को तोड़ने की मानसिकता को दिखाते हैं। उनका आरोप है कि ऐसे बयान भारत को टुकड़ों में बांटने की साजिश की ओर इशारा करते हैं।
साध्वी प्राची ने कहा कि हामिद अंसारी देश को यह बताएं कि महमूद गजनवी जैसे आक्रांता क्या थे। उन्होंने कहा कि वे लुटेरे थे, आतंकी थे और देश को नुकसान पहुंचाने वाले लोग थे। उन्होंने सवाल उठाया कि किस इतिहासकार ने उन्हें देशभक्त माना है।
उनका कहना है कि पिछले 70 वर्षों में कांग्रेस ने इतिहास को तोड़-मरोड़कर देश के सामने पेश किया, लेकिन अब भारतीय जनता पार्टी इतिहास की असल सच्चाई सामने ला रही है। उन्होंने कहा कि शायद यही वजह है कि कुछ लोगों को सच्चाई सामने आने से तकलीफ हो रही है।
साध्वी प्राची ने कहा कि कांग्रेस एक राष्ट्रीय पार्टी होने के बावजूद मुस्लिम लीग पर बहुत ज्यादा निर्भर रही है। उनका दावा है कि कांग्रेस पहले भी मुस्लिम लीग के प्रभाव में थी, आज भी है और आगे भी रहेगी। इसी वजह से कांग्रेस मुस्लिम तुष्टिकरण की पराकाष्ठा तक पहुंच चुकी है और यही कारण है कि अब कांग्रेस दोबारा सत्ता में आने की स्थिति में नहीं है।
इसी बीच यूपी कैबिनेट द्वारा बांग्लादेशी और पाकिस्तानी हिंदुओं को बसाने के फैसले का साध्वी प्राची ने स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि यह बहुत अच्छा निर्णय है और इसके लिए उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और यूपी सरकार को बधाई दी। उनका कहना है कि जो हिंदू बांग्लादेश या पाकिस्तान में प्रताड़ित हैं, उन्हें भारत में सम्मान और सुरक्षा मिलनी चाहिए।
देहरादून में कश्मीरी युवाओं पर हुए जानलेवा हमले को लेकर भी साध्वी प्राची ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि विकासनगर क्षेत्र में दो कश्मीरी युवाओं पर हमला हुआ, जिससे इलाके में तनाव का माहौल है। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि जब तक पूरे मामले की असली वजह सामने नहीं आती, तब तक किसी निष्कर्ष पर पहुंचना ठीक नहीं होगा। उन्होंने कहा कि जांच पूरी होने के बाद ही वह इस पर खुलकर बयान देंगी।
साध्वी प्राची ने उत्तराखंड सरकार द्वारा सनातन धर्म से जुड़े धार्मिक स्थलों पर गैर-हिंदुओं के प्रवेश पर रोक के फैसले का भी स्वागत किया। उन्होंने कहा कि जिस तरह मक्का-मदीना जैसे पवित्र स्थलों पर गैर-मुस्लिमों का प्रवेश वर्जित है, उसी तरह चारधाम यात्रा पर गैर-हिंदुओं की एंट्री प्रतिबंधित होनी चाहिए। उन्होंने धामी सरकार के फैसले की सराहना करते हुए कहा कि यह देवताओं की भूमि है और इसकी पवित्रता बनाए रखना जरूरी है।
साध्वी प्राची ने कहा कि उन्होंने पहले भी हरिद्वार और कुंभ क्षेत्र जैसे पवित्र स्थानों पर गैर-हिंदुओं के प्रवेश पर रोक लगाने की मांग की थी। उनका कहना है कि यह धार्मिक आस्था से जुड़ा मामला है और इसे राजनीतिक रंग नहीं दिया जाना चाहिए।
विपक्ष द्वारा लगाए जा रहे हिंदू-मुस्लिम विभाजन के आरोपों पर जवाब देते हुए साध्वी प्राची ने कहा कि जो लोग भाजपा पर समाज को बांटने का आरोप लगाते हैं, उन्हें पहले अपने गिरेबान में झांकना चाहिए। उन्होंने कहा कि जिन मुद्दों को उठाया जा रहा है, वे समाज में पहले से मौजूद समस्याओं से जुड़े हैं और भाजपा इन्हें सामने लाने का काम कर रही है।
शंकराचार्य से जुड़े सवाल पर साध्वी प्राची ने कहा कि वह उनके बारे में कुछ भी कहने की हिम्मत नहीं रखतीं। उन्होंने सिर्फ इतना कहा कि शंकराचार्य को साधना और मौन पर ध्यान देना चाहिए और अध्यात्म के मार्ग पर आगे बढ़ना चाहिए।
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