पिनराई विजयन से जुड़े ठिकानों पर छापों के बाद CPI(M) कार्यकर्ताओं का ED टीम पर हमला

ED की गाड़ी पर पथराव, शीशे तोड़े गए; CMRL पे-ऑफ केस में पूर्व मुख्यमंत्री और परिवार के खिलाफ जांच तेज

पिनराई विजयन से जुड़े ठिकानों पर छापों के बाद CPI(M) कार्यकर्ताओं का ED टीम पर हमला

CPI(M) workers attack ED team after raids on premises linked to Pinarayi Vijayan

प्रवर्तन निदेशालय की टीम पर बुधवार (27 मई)को केरलम की राजधानी तिरुवनंतपुरम में हमला किया गया। ED पूर्व मुख्यमंत्री पिनरई विजयन और उनके परिवार से जुड़े परिसरों पर छापेमारी कर रही थी, जिसका विरोध दिखाने के लिए यह हमला किया गया। विरोध प्रदर्शन कर रहे CPI(M) कार्यकर्ताओं ने ED अधिकारियों की गाड़ी को घेर कर उस पर हमला कर दिया।

प्रदर्शनकारियों ने ईंट और लोहे की रॉड से ED वाहन के शीशे तोड़ दिए। गाड़ी में महिला अधिकारी भी मौजूद थीं। घटना के दौरान प्रदर्शनकारी केंद्रीय एजेंसी के खिलाफ नारेबाजी कर रहे थे और कई घंटों तक इलाके में तनाव बना रहा।

पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा बलों को स्थिति नियंत्रित करने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। प्रदर्शन के दौरान कुछ लोगों द्वारा सुरक्षा बलों पर प्लास्टिक की बोतलें, हेलमेट और पत्थर फेंकने के भी आरोप लगे हैं। बाद में CPI(M) के वरिष्ठ नेताओं ने हस्तक्षेप कर कार्यकर्ताओं को शांत कराया और हिंसक प्रदर्शन समाप्त करवाया।

यह विरोध उस समय शुरू हुआ जब ED ने केरल में 10 स्थानों पर छापेमारी शुरू की। इनमें तिरुवनंतपुरम स्थित पिनराई विजयन का मौजूदा आवास, कन्नूर स्थित उनका पैतृक घर और उनके दामाद एवं पूर्व मंत्री मुहम्मद रियाज का कोझिकोड स्थित घर भी शामिल है।

जांच एजेंसी जिस मामले की जांच कर रही है, वह चर्चित CMRL पे-ऑफ केस से जुड़ा है। आरोप है कि कोचीन मिनरल्स एंड रूटाइल लिमिटेड (सीएमआरएल) ने विजयन की बेटी वीना विजयन की कंपनी एक्सालॉजिक सॉल्यूशंस को बिना किसी वास्तविक सेवा के करोड़ों रुपये का भुगतान किया।

जांच एजेंसियों के अनुसार एक्सालॉजिक सॉल्यूशंस को कई वर्षों में लगभग 2.7 करोड़ रुपये दिए गए। ED का आरोप है कि 2018 से 2019 के बीच CMRL ने करीब 1.72 करोड़ रुपये का भुगतान किया, जबकि बदले में कोई सेवा नहीं दी गई।

इस मामले की जांच गंभीर धोखाधड़ी जांच कार्यालय (SFIO) और ED दोनों कर रही हैं। एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि क्या ये भुगतान अवैध लाभ या राजनीतिक संरक्षण के तहत किए गए थे। छापेमारी से ठीक एक दिन पहले केरल उच्च न्यायालय ने CMRL की उस याचिका को खारिज कर दिया था, जिसमें ED की कार्रवाई को रद्द करने की मांग की गई थी। इसके बाद जांच एजेंसी ने राज्यभर में कार्रवाई तेज कर दी।

वहीं पिनराई विजयन पहले भी अपनी बेटी पर लगे आरोपों को खारिज करते रहें हैं। उनका कहना रहा है कि यह सब उनकी छवि खराब करने और राजनीतिक रूप से बदनाम करने की कोशिश है।

हाल ही में केरल विधानसभा चुनाव में कांग्रेस नीत UDF की जीत के बाद पिनराई विजयन सत्ता से बाहर हुए हैं और अब वे विधानसभा में विपक्ष के नेता की भूमिका निभा रहे हैं। ऐसे समय में ED की कार्रवाई और उसके बाद हुए हिंसक विरोध ने राज्य की राजनीति को और गर्मा दिया है।

यह भी पढ़ें:

NEET-UG 2026 पेपर लीक केस में CBI की कार्रवाई; 2 और गिरफ्तार

SIR पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, कहा- SIR संविधान की कसौटी पर खरा

भाजपा सांसद का दावा — “50 टीएमसी विधायक और 20 सांसद पार्टी छोड़ने को तैयार”

Exit mobile version