राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में यमुना नदी का जलस्तर बढ़ने से कई इलाकों में बाढ़ का पानी घुस आया है। हालांकि, दिल्ली सरकार में मंत्री प्रवेश वर्मा ने दावा किया है कि हालात पूरी तरह नियंत्रण में हैं और घबराने की कोई आवश्यकता नहीं है। उन्होंने कहा कि सरकार ने छह महीने पहले ही इस तरह की स्थिति से निपटने की तैयारी शुरू कर दी थी। मीडिया से बातचीत में प्रवेश वर्मा ने कहा, “स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और दिल्लीवासियों को घबराने की जरूरत नहीं है। जलस्तर अभी अपने उच्चतम स्तर पर है और थोड़ा और बढ़ सकता है, लेकिन फिलहाल कोई खतरे की बात नहीं है।”
उन्होंने बताया कि जब मौजूदा सरकार बनी थी, तभी मानसून के दौरान बाढ़ जैसे हालात से निपटने के लिए तैयारी शुरू कर दी गई थी। मंत्री ने 2023 की बाढ़ का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय हथिनीकुंड बैराज से 3.30 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया था, जिससे दिल्ली के कई इलाकों में जलभराव हो गया था। लेकिन इस बार समान मात्रा में पानी छोड़े जाने के बावजूद दिल्ली की सड़कों पर पानी नहीं भरा। यह इस बात का सबूत है कि सरकार ने पिछले छह महीनों में बाढ़ प्रबंधन की ठोस रणनीति बनाई और उसे जमीन पर उतारा।
प्रवेश वर्मा ने यह भी कहा कि पहले यमुना का जलस्तर 208 मीटर तक पहुंचने पर दिल्ली में पानी घुस जाता था, लेकिन इस बार 207 मीटर तक पहुंचने के बावजूद कहीं जलभराव नहीं दिखा। उन्होंने कहा, “अगर जलस्तर एक-दो मीटर और बढ़ेगा, तब भी स्थिति नियंत्रण में रहेगी। दिल्ली सरकार के अधिकारियों ने पिछले छह महीनों में शानदार काम किया है।”
इससे पहले, मंगलवार (2 सितंबर) को प्रवेश वर्मा ने दिल्ली के सभी जिलाधिकारियों (डीएम) के साथ समीक्षा बैठक की थी। बैठक में उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि बाढ़ जैसी आपदा से निपटने में किसी भी स्तर पर लापरवाही या ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
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